सुरक्षा और पर्यटन विकास पर ज़ोर: साहसिक खेल संचालनकर्ताओं को 15 जून तक सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश
टिहरी, 3 जून।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पर्यटन विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें साहसिक खेलों की सुरक्षा, पर्यटन परिसंपत्तियों का बेहतर संचालन और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि काणाताल, शिवपुरी, कैम्पटी, धनोल्टी और कोटी कॉलोनी समेत अन्य प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थलों पर सभी खेल संचालनकर्ताओं को 15 जून, 2025 तक सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर तय समय सीमा तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, तो संबंधित साहसिक खेलों को बंद करवा दिया जाएगा।

👉 धरोहरों का संरक्षण, पर्यटन का संवर्धन
जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक मंदिरों और पुरानी धरोहरों के जीर्णोद्धार और सर्वेक्षण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों के विकास से न केवल सांस्कृतिक विरासत बचेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
🏞️ पर्यटन परिसंपत्तियों के संचालन पर लिया गया बड़ा निर्णय
बैठक में श्री सेम नागराजा मंदिर (मुखेम), काण्डी, कुंजापुरी, नैखरी, सुनारीगाड़, सौड़-काणाताल, टिहरी झील कोटी कॉलोनी आदि में स्थित पर्यटन परिसंपत्तियों को PPP मॉडल में संचालित करने का प्रस्ताव सामने आया।
इन परिसंपत्तियों के संचालन हेतु किराया दर तय करने, निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
🚣 बोटिंग, स्कूबा डाइविंग और पैरामोटर जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
- श्रीनगर के निकट धारी देवी में बोटिंग ट्रायल
- टिहरी झील में स्कूबा डाइविंग की तैयारी
- कोटेश्वर झील में नया बोटिंग प्वाइंट
- कोटी कॉलोनी में पैरामोटर ट्रायल की अनुमति प्रक्रिया पर चर्चा
🌄 खैट पर्वत और कौड़िया ट्रेक का होगा सौंदर्यीकरण
प्रशासन ने खैट पर्वत ट्रेक रूट और कौड़िया ट्रेक रूट को पर्यटन के अनुकूल बनाने की दिशा में प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही बर्ड वॉचिंग और नेचर ट्रेल ट्रेनिंग जैसे नवाचारों को बढ़ावा देने की बात कही।
💬 जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा:
“पर्यटन के माध्यम से न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। साहसिक खेलों में सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
🧾 बैठक में उपस्थित रहे:
सीडीओ वरुणा अग्रवाल, डीएफओ पुनीत तोमर, सीओ ओसीन जोशी, ब्लॉक प्रशासक सुनीता देवी व शिवानी बिष्ट, डीटीडीओ एस.एस. राणा, एटीओ अरविंद चौहान सहित कई अधिकारीगण।
