गंगोत्री से बीजेपी के विधायक गोपाल रावत की असमय निधन के बाद से गंगोत्री विधान सभा मे विकास कार्य लंबित पड़े है , और एक तरह से विधान सभा की उपेक्षा हो रही है | विधान सभा चुनाव 2022 से एन वक्त पहले बीजेपी से टिकट की दावेदारी कर रही शांति गोपाल रावत ने सीएम से भेंट कर सरकार का ध्यान गगोत्री की तरफ दिलाया साथ ही अहसास कराया कि गंगोत्री सरकार बनाती है लिहाजा इसकी उपेक्षा ठीक नहीं है |
बुधवार को श्रीमती शांति गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर गंगोत्री विधानसभा की लंबित योजनाओं को स्वीकृति की मांग की। श्रीमती शांति गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से मुलाकात कर बताया कि गंगोत्री विधायक स्व. गोपाल सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में गंगोत्री विधानसभा में चार वर्षों तक दर्जनों मोटर मार्गों, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उद्यानिकी, पर्यटन के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विकास योजनाएं संचालित की गई है लेकिन विधायक स्व. गोपाल सिंह रावत जी के निधन के बाद गंगोत्री विधानसभा की प्रस्तावित, स्वीकृत योजनाओं पर प्रगति नहीं हो पा रही है।
श्रीमती शांति गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि गंगोत्री विधानसभा में चालीस से अधिक मोटर मार्ग शासन स्वीकृति के लिए लंबित पड़े हैं जबकि उन सभी प्रस्तावों में सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जोशियाड़ा ज्ञानसू में प्रस्तावित ताबांखाणी डबल लेन पुल के निर्माण की प्रक्रिया भी निविदा स्तर पर ही अटकी पड़ी हुई है तो साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के तहत प्रस्तावित बस अड्डे के निर्माण के प्रस्ताव पर भी संबंधित अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।
श्रीमती शांति गोपाल रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गंगोत्री विधानसभा की शासन स्तर पर लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को गंगोत्री विधानसभा से जुड़ी शासन में लंबित विकास योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने के निर्देश दिए।
