✨ देवभूमि के 25 साल: संघर्ष से स्वर्णिम भविष्य तक ✨
उत्तरकाशी | 24 दिसंबर 2025
ढोल-दमाऊं की गूंज, दीपों की रोशनी और गर्व से भरे चेहरे—उत्तराखंड के इतिहास में आज का दिन भावनाओं, उपलब्धियों और संकल्पों से भरा रहा। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित “देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा” के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और देवभूमि की जनता को रजत जयंती की शुभकामनाएं दीं।

🕯️ शहीदों को नमन, आंदोलनकारियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा—
“आज जिस उत्तराखंड पर हमें गर्व है, वह अनगिनत बलिदानों की नींव पर खड़ा है।”
उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज महिलाएं ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया।
🌄 इंद्रमणि बडोनी को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के गांधी स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा—
“बडोनी जी का सपना आज विकास, संस्कृति और स्वाभिमान के रूप में साकार हो रहा है।”

❄️ शीतकालीन चारधाम यात्रा: 12 महीने पर्यटन का मंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुखवा-हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर अब उत्तराखंड में पूरे वर्ष पर्यटन को गति मिल रही है।
👉 एक जिला–एक फेस्टिवल
👉 लोकल फॉर वोकल
👉 मेड इन इंडिया
उत्तराखंड अब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति बन रहा है।
💼 निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता
- 1 लाख करोड़ से अधिक निवेश धरातल पर
- हाउस ऑफ हिमालयाज, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों को पहचान
- 12,000 से अधिक लखपति दीदी सिर्फ उत्तरकाशी में
- 26,500 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी
“आज उत्तराखंड रोजगार और सतत विकास में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।” – मुख्यमंत्री
🚧 सड़क, अस्पताल और सुरंग: विकास की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा—
- उत्तरकाशी में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (₹23 करोड़)
- पुरोला में उपजिला अस्पताल (₹46 करोड़)
- सिलक्यारा टनल अंतिम चरण में, गंगोत्री–यमुनोत्री दूरी होगी कम
उन्होंने आपदा प्रबंधन पर जोर देते हुए ऊंचाई वाली झीलों की निगरानी और धराली आपदा पीड़ितों के लिए संवेदनाएं व्यक्त कीं।
⚖️ सख्त कानून, स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा—
“देवभूमि की संस्कृति से कोई समझौता नहीं।”
यूसीसी, धर्मांतरण कानून, लव जिहाद–लैंड जिहाद पर सख्ती और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाकर एक समान कानून, एक समान अधिकार की दिशा में उत्तराखंड आगे बढ़ रहा है।
🎭 संस्कृति, छात्र प्रतिभा और डिजिटल प्रदर्शनी
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, निबंध, रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
डिजिटल विकास प्रदर्शनी में 25 वर्षों की यात्रा को तकनीक, वीडियो और इंटरएक्टिव माध्यमों से दिखाया गया—जहां हर तस्वीर संघर्ष से सफलता की कहानी कहती दिखी।
🎶 सांझ में संस्कृति की महफिल
सायंकाल में संगीता ढौंडियाल और पांडावाज बैंड की प्रस्तुति ने रजत उत्सव को यादगार बना दिया। पिछले दिनों अजय भारती समूह, अज्जू तोमर और श्वेता महारा ने भी समां बांधा।
✨ अंतिम पंक्ति
25 साल पहले जो सपना आंदोलन से जन्मा था,
आज वह विकास, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की उड़ान भर रहा है।
देवभूमि उत्तराखंड—संघर्ष से संकल्प और संकल्प से स्वर्णिम भविष्य की ओर।
