महिला आयोग, बाल आयोग और भाजपा महिला मोर्चा पर कांग्रेस का सीधा सवाल – क्या अनामिका शर्मा की बेटी से मिलने कोई गया?
धस्माना बोले – महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर खामोश क्यों हैं ये संगठन?
देहरादून, 11 जून 2025 | Meru Raibar ब्यूरो: उत्तराखंड में महिला अपराधों की बढ़ती घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश महिला आयोग, बाल आयोग और भाजपा महिला मोर्चा की चुप्पी पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रेस वार्ता के दौरान तीखा हमला करते हुए कहा कि:
“क्या इन तीनों संगठनों की अध्यक्षाएं हरिद्वार जाकर अनामिका शर्मा की नाबालिग बेटी से मिलने गईं? या ये संगठन केवल डेमोग्राफी और सांप्रदायिक मुद्दों के लिए हैं?”
धस्माना ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व हरिद्वार जिला अध्यक्ष अनामिका शर्मा द्वारा अपनी ही 13 वर्षीय बेटी के साथ दुराचार करवाए जाने जैसे जघन्य अपराध पर ये संगठन एक शब्द भी नहीं बोल रहे। उन्होंने कहा कि न सिर्फ इस केस में, बल्कि अंकिता भंडारी हत्या कांड में भी इन संगठनों की चुप्पी शर्मनाक रही है।
🔴 “हिंदू-मुस्लिम मामलों में आगे, महिला अपराध पर मौन!”
धस्माना ने कहा कि
“छोटे-छोटे मुद्दों पर स्कूलों में जाकर हंगामा करने वाले ये संगठन, जब महिलाओं के असली मुद्दों की बात आती है तो पूरी तरह खामोश हो जाते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर विषयों पर न बोलना इन संगठनों की नीयत और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है।
⚖️ कांग्रेस चलाएगी प्रदेशव्यापी अभियान
सूर्यकांत धस्माना ने घोषणा की कि:
“महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश में अभियान चलाएगी और जनता को सच्चाई बताएगी।”
📌 Meru Raibar की विशेष टिप्पणी:
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे, यह सवाल वाजिब है कि महिला सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में महिला संगठनों की निष्क्रियता आखिर किस तरफ इशारा करती है? क्या राजनीतिक निष्ठा, मानवीय संवेदना से ऊपर हो चुकी है?