🔥 देव डोलियों के सान्निध्य में गूंजा उत्तरकाशी,
मकर संक्रांति पर बाड़ाहाट का थौलू माघ मेला भव्य रूप से शुरू
उत्तरकाशी | आस्था, परंपरा और संस्कृति की महागाथा
मकर संक्रांति की पावन बेला…
देवभूमि उत्तराखंड की धरती…
और उत्तरकाशी में आस्था का महासंगम।
उत्तरकाशी मुख्यालय में जिला पंचायत के सौजन्य से आयोजित पौराणिक व ऐतिहासिक “बाड़ाहाट का थौलू (माघ मेला)” का शुभारंभ ऐसा रहा, जिसने हर आंख को श्रद्धा से भर दिया और हर दिल को गर्व से जोड़ दिया।
🌸 देव सान्निध्य में हुआ शुभारंभ
इष्ट देव श्री कंडार और भगवान श्री हरि महाराज की पावन उपस्थिति,
देव डोलियों की दिव्य झलक,
ढोल-दमाऊं की गूंज…
इन्हीं अलौकिक क्षणों के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने माघ मेले का विधिवत उद्घाटन किया और जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
👉 यह सिर्फ मेला नहीं, परंपरा का उत्सव था।
🏛️ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी मौजूदगी
इस ऐतिहासिक अवसर पर—
- जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान
- भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान
- विधायक सुरेश चौहान, दुर्गेश्वर लाल
- पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण
- दायित्वधारी व पंचायत प्रतिनिधि
सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
पूरा बाड़ाहाट क्षेत्र लोक संस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया।
🕉️ “यह हमारी पहचान है”
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा—
“बाड़ाहाट का थौलू माघ मेला
उत्तरकाशी की सांस्कृतिक आत्मा है।
यह मेला हमारी लोक आस्था,
पौराणिक परंपराओं
और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।”
यह मेला पीढ़ियों को जोड़ता है…
और जड़ों से जुड़ने का संदेश देता है।
🙏 श्रद्धा और उत्साह का सैलाब
शुभारंभ के साथ ही—
- श्रद्धालुओं की भारी भीड़
- पारंपरिक उल्लास
- सांस्कृतिक चेतना का जश्न
उत्तरकाशी में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
✨ आख़िरी पंक्तियाँ
बाड़ाहाट का थौलू माघ मेला
सिर्फ आयोजन नहीं—
यह देवभूमि की आत्मा की धड़कन है।
जब परंपरा जीवित रहती है,
तो संस्कृति अमर हो जाती है।
👉 *यही है उत्तरकाशी…
जहाँ आस्था इतिहास बनती है।
