ऊंचाई वाले इलाकों में रास्ते खुले, डीएम प्रशांत आर्य खुद पहुंचे मोर्चे पर
चौरंगीखाल सड़क का स्थलीय निरीक्षण, BRO–PWD को ‘युद्धस्तर’ पर काम के निर्देश
उत्तरकाशी | विशेष रिपोर्ट
पहाड़ों पर गिरी भारी बर्फ…
सफेद चादर में ढके रास्ते…
और चुनौती बनकर खड़ा जनजीवन।
लेकिन इस बार प्रशासन ने इंतज़ार नहीं किया।

भारी बर्फबारी के बाद जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अवरुद्ध हुए अधिकांश सड़क मार्गों को सुचारु कर दिया गया है। हालात का जायजा लेने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य खुद चौरंगीखाल सड़क मार्ग पर पहुंचे और मौके पर हालात की बारीकी से समीक्षा की।
“आपात सेवाएं नहीं रुकनी चाहिए” — डीएम
स्थलीय निरीक्षण के दौरान डीएम ने
सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए—
“मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी रखा जाए।
आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय आवाजाही में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए।”

फिसलन पर फोकस, सुरक्षा सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने
⚠️ फिसलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों में
🧂 नमक और चूने के छिड़काव
🚧 चेतावनी बोर्ड लगाने
के भी निर्देश दिए, ताकि हादसों से बचाव किया जा सके।
प्रशासन अलर्ट मोड में
डीएम ने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश देते हुए कहा—
✔ बिजली आपूर्ति बाधित न हो
✔ पेयजल व्यवस्था सुचारु रहे
✔ राशन और जरूरी सामग्री की कोई कमी न हो
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी टीमें भी तैनात कर दी गई हैं।
जनता से अपील
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आम जनमानस से अपील की—
“अत्यधिक बर्फबारी और पाले के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही इन मार्गों का उपयोग करें।”
मौके पर रहे अधिकारी
निरीक्षण के दौरान
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं भी मौजूद रहे।
संदेश साफ है
पहाड़ बर्फ से ढके हैं…
लेकिन प्रशासन की तैयारी मजबूत है।
**आपदा के बीच प्रशासन का यही संकल्प—
रास्ते भी खुले रहेंगे,
और भरोसा भी। ❄️🚜
