बडबोलापन ले डूबा भगत को _ वनवास पर गए राम की खडाऊ पूजेंगे तीरथ या अपने अस्त्रों पर भरोषा ?

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उत्तराखंड प्रदेश में सिर्फ मुख्यमंत्री का चेहरा ही नहीं बल्कि प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा भी बदले जाने से पार्टी के अन्दर साफ़ सफाई के संकेत आलाकमान ने दे लिए है | एक वर्ष पहले ही पार्टी सेनापति की  कमान संभाले भगत के बडबोलेपन के चलते ही संभवतया उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटा कर मंत्री मंडल में सामिल किया गया ताकि सामजस्य भी बना रहे और गलती का सुधार भी | इसके बदले हरिद्वार ग्रामीण से यातिश्वरानंद को बतोर राज्य मंत्री कैबनेट में सामिल किया गया है | अब मदन कौसिक और तीरथ की  जोड़ी पर मिशन 2022 की जिम्मेदारी आन पड़ी है | मदन कौसिक को 11 विधायकों वाली  हरिद्वार समेत  पूरी पार्टी के अन्दर गुटबाजी को दूर करने की  बड़ी जिम्मेदारी है | अजय भट्ट के सेनापति काल में वर्ष 2017 में बीजेपी ने 70 विधान सभाओ वाले प्रदेश में 57 सीटो पर कब्ज़ा किया था, देखना होगा कि धार्मिक नगरी हरिद्वार से लगातार चार बार विधायक रहे मदन तीरथ के साथ मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे या महज केंद्र से मिले राम की खडाऊ को पूजकर फिर से सत्ता नए राम को देने का काम करेंगे ? दरअसल हरिद्वार से सांसद निशंक और अबके प्रदेश अध्यक्ष मदन कौसिक के बीच 36 का आंकड़ा है | मंत्रिमंडल गठन के बाद मुख्यमंत्री को गैर सैन में बनाये गए नए मंडल, देवस्थानम बोर्ड, चापलूस अधिकारियो को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटाने जैसे कदम उठाकर जनता के अन्दर विश्वास पैदा करना होगा | जिसके संकेत आने वाले कुछ ही दिनों में मिलने लगेंगे |

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