भालू का हमला, 🐻 पहाड़ में दहशत… खेत नहीं, अब जिंदगी असुरक्षित!

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रामपुर (न्यालसू) में भालू का हमला, 55 वर्षीय ग्रामीण घायल — प्रशासन अलर्ट मोड में

रुद्रप्रयाग।
सुबह का सुकून… और अचानक मौत का साया।
रामपुर (न्यालसू) गांव में जब भालू ने 55 वर्षीय मंगल सिंह चौहान पर हमला किया, तो कुछ पल के लिए पूरा इलाका सहम गया। चीख-पुकार, खून से लथपथ शरीर और आंखों में डर—यह मंजर किसी को भी झकझोर देने वाला था।


हमले की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना देर किए मोर्चा संभाला।
घायल मंगल सिंह को तुरंत पीएचसी फाटा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए श्रीनगर उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।

👉 प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि
“घायल को हरसंभव और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।”


DM का सख्त रुख — मौके पर पहुंची संयुक्त टीम

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत एसडीएम ऊखीमठ अनिल शुक्ला को निर्देश दिए—

“वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करे।”

निर्देश मिलते ही टीम गांव पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और हालात का जायजा लिया।


भालू की गतिविधियों पर कड़ी नजर, पिंजरा लगेगा

वन विभाग ने क्षेत्र में वन्यजीव गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है।
⚠️ संभावित खतरे को देखते हुए कल क्षेत्र में पिंजरा लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि दोबारा किसी जान पर हमला न हो।


पीड़ित परिवार से मिले अधिकारी, हर मदद का भरोसा

एसडीएम ऊखीमठ और वन विभाग की टीम ने घायल के परिजनों से घर जाकर मुलाकात की।
परिवार को भरोसा दिलाया गया कि—

  • इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी
  • हर स्तर पर प्रशासन साथ खड़ा है

ग्रामीणों से अपील — सतर्क रहें

प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से साफ अपील की है—
🛑 सुबह और शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं
📞 किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें


सवाल जो डर पैदा करता है…

पहाड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष अब सिर्फ खबर नहीं,
हर घर की चिंता बनता जा रहा है।

👉 क्या समय रहते स्थायी समाधान निकलेगा?
क्योंकि पहाड़ में सुरक्षा सिर्फ जंगल की नहीं,
हर इंसान की ज़िंदगी की है।

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