“बच्चों की सेहत पर वार नहीं—
स्वास्थ्य विभाग ने छेड़ा जनजागरूकता का बिगुल, पोस्टर प्रतियोगिता से कार्यशाला तक कार्यक्रमों की धूम
उत्तरकाशी। मानसून का मौसम और बच्चों की सेहत पर मंडराता खतरा!
डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को एक वृहद जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान का लक्ष्य है—शिशु मृत्यु दर कम करना और माताओं को स्तनपान के महत्व से जोड़ना।

🍼 स्तनपान सप्ताह—माँ का दूध, शिशु की ढाल
1 अगस्त से 7 अगस्त तक पूरे जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है।
- एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रसूता महिलाओं को जागरूक कर रही हैं।
- माताओं को समझाया जा रहा है कि माँ का दूध ही बच्चे की सबसे पहली और सबसे मजबूत वैक्सीन है।
“स्तनपान से बच्चों का मानसिक विकास तेज़ होता है और वे बीमारियों से मज़बूत रहते हैं।” – सीएमओ डॉ. बी.एस. रावत
🚑 डायरिया पखवाड़ा—हर घर तक सेहत का संदेश
1 अगस्त से 29 सितंबर तक चलेगा सघन डायरिया पखवाड़ा।
- ओआरएस और जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी।
- स्कूल और गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- खासकर मानसून के समय साफ पानी पीने और उबालकर उपयोग करने की अपील की गई।

🫁 वर्ल्ड लंग कैंसर डे—स्वास्थ्य पर गहन मंथन
जिला महिला चिकित्सालय में कार्यशाला और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई।
- विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लंग कैंसर, डायरिया, निमोनिया और कुपोषण पर जानकारी दी।
- विजेता छात्रों को सम्मानित किया गया।
- बच्चों और युवाओं को संदेश दिया गया कि नशा और प्रदूषण से बचना ही फेफड़ों की सुरक्षा है।
📚 स्कूल में भी पहुँचा स्वास्थ्य संदेश
राजकीय इंटर कॉलेज, मुस्तिकसौद में छात्रों के बीच विशेष जनजागरूकता अभियान चला।
बच्चों को साफ-सफाई, उबला पानी और सही खान-पान की अहमियत समझाई गई।
✍️ सोचने वाली बात
मानसून सिर्फ ठंडी हवा और बारिश नहीं लाता, बल्कि बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ाता है।
👉 सवाल यह है—क्या हम अपने बच्चों को बचाने के लिए उतनी ही गंभीरता दिखा रहे हैं, जितनी बीमारियां दिखा रही हैं?
समाधान हमारे हाथों में है—साफ पानी, साफ आदतें और समय पर सही इलाज।
