📍 वो लौट रहा था घर… पर फ्लाईओवर के नीचे उसे मिल गई लाठी-डंडों की बरसात!
🚨 सुर्खियों में क्यों है यह खबर?
देहरादून की सड़कों पर बीते हफ्ते जो हुआ, वह हर अभिभावक की चिंता और हर युवा की चेतावनी बन चुका है। एक सामान्य रात, एक थका युवक और फिर अचानक — लाठी-डंडों से मौत का तांडव!
🔥 “रात की सवारी, मौत की तैयारी?”
26 जून 2025 की रात, अंश कुमार अपने घर लौट रहा था। बल्लूपुर फ्लाईओवर से ठीक पहले, बुलेट शोरूम के सामने… कुछ साए उसका इंतज़ार कर रहे थे।
और फिर —

“लाठी, डंडों और गालियों की बौछार… सिर पर वार… खून से लथपथ अंश वहीं गिर पड़ा!”
हमलावर थे राहुल रमोला, ऋतिक, विशाल उर्फ बिल्ला, रजत उर्फ गुड्डू, सत्यम और वंश। शास्त्रीनगर खाला के रहने वाले ये लड़के, इस शांत शहर की सड़कों को खून से रंगने का इरादा लेकर आए थे।
👮♀️ बसंत विहार पुलिस की तेजी, दो आरोपी सलाखों के पीछे
29 जून को पीड़ित के पिता विक्की कुमार ने थाना बसंत विहार में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला बेहद गंभीर था –
न सिर्फ मारपीट, बल्कि जान से मारने की नीयत का मामला!
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल मुखबिरी तेज की गई और आज पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा:
📌 गिरफ्तार आरोपी:
- ऋतिक पुत्र बाबूराम, उम्र 23 वर्ष
- राहुल रमोला पुत्र विजय चंद्र मॉल, उम्र 24 वर्ष
(दोनों निवासी: शास्त्रीनगर खाला, थाना बसंत विहार, देहरादून)
🗣️ “हमलावरों को नहीं छोड़ेंगे, बाकियों की गिरफ्तारी जल्द होगी!” — बसंत विहार पुलिस
💔 एक बेटे की सांसें और एक बाप की चीख
“मैं रोज रात को अपने बेटे की आँखें देखता हूँ… वो अब भी डरा हुआ है। क्या यही देहरादून है?”
— पीड़ित अंश के पिता की कराह
🛑 जुर्म की जड़ें गहराई में हैं… और जवाब चाहिए!
क्या ये सिर्फ आपसी रंजिश थी? या किसी गैंग की साजिश?
क्यों कुछ नौजवान रातों को हथियार लेकर घूमते हैं?
📢 Meru Raibar की अपील
देहरादून को गैंग कल्चर से बचाना होगा।
हर लाठी उठने से पहले, हर वार से पहले… एक सिस्टम को जागना होगा।
बल्लूपुर फ्लाईओवर की ये घटना केवल एक युवक पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा पर हमला है।
🔚 और आख़िर में…
“अगर रात को सड़क पर चलना भी सुरक्षित नहीं रहा — तो फिर किस ओर जा रहा है हमारा समाज?”
