भीषण सड़क हादसे में चार की मौत मामले में दो विभागों के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज

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देहरादून। कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत मोहब्बेवाला में हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत के मामले में  पटेल नगर पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सड़क किनारे गड्ढे,पर्याप्त संकेतक और चेतावनी बोर्ड नहीं होने समेत सुरक्षा इंतजामों की कमी को हादसे की संभावित वजह माना है। दोनों विभागों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता  की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आशारोड़ी से आईएसबीटी जाने वाले मार्ग पर मोहब्बेवाला में कार और ट्रेलर  की टक्कर हो गई थी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में कार सवार एक ही परिवार के तीन लोग शामिल थे, जबकि छह वर्षीय बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया था।
 दर्ज एफआईआर के अनुसार, नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72ए पर पर्याप्त यातायात संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे। सड़क किनारे बने गड्ढों को लेकर भी कोई चेतावनी संकेतक नहीं थे। इसके अलावा रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने और मोहब्बेवाला में अचानक मोड़ व ढलान होने से वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ था। आरोप है कि सड़क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  और लोक निर्माण विभाग की ओर से इन खामियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
 एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि सड़क पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था में कमी को लेकर संबंधित विभागों को पहले भी सूचित किया गया था। इसके बावजूद सड़क पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य किया, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद दोनों विभागों का कोई अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।
 एसपी सिटी शेखर सुयाल ने बताया कि आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह की शिकायत पर कोतवाली पटेल नगर में दोनों विभाग  के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 125(ए), 125(बी) और 281 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मुकेश थलेड़ी को सौंपी गई है। पुलिस अब सड़क की स्थिति, सुरक्षा इंतजामों और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि पूर्व में मिली शिकायतों पर संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की थी. सुरक्षा संबंधी खामियों को समय रहते दूर क्यों नहीं किया गया।

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