बसुंगा के स्कूलों में गूंजा हरियाली का संदेश, देवदार से जामुन तक सजे नए जीवन के पौधे
🔥 ओपनिंग
बसुंगा की ठंडी हवाओं में आज उम्मीदों की नमी थी — जब अदालत की कुर्सी पर न्याय बांटने वाली सिविल जज श्वेता राणा चौहान खुद बच्चों के संग मिट्टी में हाथ सना रही थीं। वन महोत्सव के मौके पर देवदार, तेजपात, कचनार और जामुन के पौधे लगाए गए, तो हर पत्ता जैसे कह रहा था — “प्रकृति ही असली न्याय है।”

✍️ मुख्य कंटेंट
आज दिनांक 04 जुलाई 2025 को जिला विधिक प्राधिकरण सचिव और सिविल जज श्वेता राणा चौहान की अध्यक्षता में बसुंगा के प्राथमिक विद्यालय और उच्चतम जूनियर हाई स्कूल के प्रांगण में हरियाली का त्योहार मनाया गया।
उनके साथ थे वन क्षेत्राधिकारी बाड़ाहाट श्री मुकेश रतूड़ी और उनकी टीम, जिन्होंने बच्चों और अध्यापकों के साथ मिलकर बाज, देवदार, तेजपात, जामुन और कचनार जैसे पौधे लगाए।

“पौधे सिर्फ हरियाली नहीं, भविष्य की सांसें हैं। कानून का असली मकसद भी जीवन को संरक्षित रखना है, चाहे वो इंसान का हो या प्रकृति का।” — ये कहना था सिविल जज श्वेता राणा चौहान का, जब उन्होंने बच्चों को विधिक जागरूकता और पौधों के महत्व की पाठशाला दी।
वहां मौजूद वन दरोगा सुभाष बिजलवान, दिवाकर राणा, बीट अधिकारी अवधेश भट्ट और प्रकाश लाल ने भी बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जागरूक किया।
विद्यालय के आंगन में बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और हाथों में पौधे देख कर माहौल किसी उत्सव जैसा लग रहा था। मिट्टी की खुशबू में आज न्याय, शिक्षा और हरियाली का संगम था।
🎯 क्लोजिंग लाइन (पावरफुल एंडिंग)
कानून सिर्फ किताबों में नहीं, प्रकृति की हर सांस में भी है — आज बसुंगा के बच्चों और पौधों ने ये सिखा दिया कि असली न्याय वो है, जो धरती और जीवन दोनों को बचाए।
