लॉकडाउन के बाद उपजे हालातों के साइड इफेक्ट गुस्से के रूप में कहीं ना कहीं से बाहर का रास्ता देख रहे हैं ऐसे में जीवन की आधारभूत सुविधाओं को लेकर चमोली के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। लंबे समय से पानी की किल्लत और कीचड़ युक्त पानी पीने के बाद जब संस्थान ने पानी लाइन में भेजना ही बंद कर दिया तो लोग खाली बर्तन लेकर सड़कों पर उतर आए, और 1to 1 बीच सड़क पर सवाल जवाब किए, तो अधिकारियो के पसीने छूट गए।
जिला मुख्यालय गोपेश्वर मे पिछले चार दिन से पेयजल की आपूर्ति ठप्प होने से आक्रोशित जनता का गुस्सा आज जल विभाग के अधिकारियों पर फूट पडा और स्थानीय लोगो ने मुख्यबाजार चौराहे पर जाम लगा कर सम्बंधित अधिकारियों का घेराव कर जम कर नारेबाजी की
स्थानीय लोगो ने जल विभाग के अधिकारो पर आरोप लगाते हुये कहा की पिछले कई दिनो से ही नलो मे किचड वाला पानी सप्लाई किया जा रहा था लेकिन हद तो तब हो गयी जब पूरे नगर क्षेत्र मे पानी की सप्लाई बंद हो गयी और चार दिन से लोग पानी के लिये मारे मारे फिर रहे है प्रदर्शनकारियों का कहना था की शीध्र नगर मे पानी की आपूर्ति सुचारु नही हुयी तो उग्र आंदोलन किया जायेगा
वही सम्बंधित अधिकारी इस सम्बंध मे पूछे जाने पर एक दूसरे विभाग पर अपना जिम्मेदारी डाल कर अपना पल्ला झाडते नजर आ
अनूप पुरोहित अध्यक्ष व्यापार संघ
बी सी सैनी अधिशासी अभियंता
