“प्रस्ताव भेजा ही नहीं? ACR में काला धब्बा! 31 दिसंबर तक पेड़ काटो!”
देहरादून, 19 दिसंबर: पहाड़ों की टूटी सड़कें चीख रही हैं, लेकिन अफसर सो रहे थे! मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा में आग बरसाई—धीमी प्रगति पर गुस्सा फूटा! लापरवाहों को प्रतिकूल प्रविष्टि का डंडा, प्रोजेक्ट्स पर रफ्तार के सख्त फरमान। उत्तराखंड की लाइफलाइन अब दौड़ेगी या फिर वही जाम?

पिथौरागढ़-बागेश्वर NH पर ब्लॉकबस्टर गुस्सा: 2022 का प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा!
पहाड़ी गांव कटे हुए, लोग बेचैन! मुख्य सचिव ने गरजे, “NH 309A का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा क्यों नहीं?” जिम्मेदार अफसरों पर लापरवाही का ठप्पा—प्रतिकूल ACR के आदेश! काठगोदाम-नैनीताल पर वन मंजूरी में डेटा अपलोड की देरी से अधिशासी अभियंता को स्पेशल सजा। मीटिंग रूम में सन्नाटा!
DM समीक्षा जरूरी, 3(जी)-3(डी) तेज करो—कोई बहाना नहीं चलेगा!
हर जिले में जिलाधिकारियों की पेंडिंग प्रोजेक्ट्स पर रेगुलर बैठकें! मुख्य सचिव ने चेतावनी दी, “पेड़ कटाई की छपान-कटान 31 दिसंबर तक शुरू, वन मंत्रालय से फॉलो-अप!” पर्यावरण मंजूरी में देरी बर्दाश्त नहीं। पहाड़ी रास्ते अब खुलेंगे—पर्यटक, मरीज, व्यापारी सब राहत पाएंगे!
बाईपास से एक्सप्रेसवे तक ब्रेकिंग: कोटद्वार, हरिद्वार, देहरादून-दिल्ली!
एनएचएआई के कोटद्वार बाईपास, झाझरा-आशारोड़ी, हरिद्वार-नजीबाबाद—सब पर नजर टिकी! मुख्य सचिव ने हुंकार भरी, “निर्धारित समय में पूरा करो, वरना सिरों पर आग!” प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय समेत अफसर पसीना-पसीना। सड़कों से बदलेगी पहाड़ों की तकदीर!
पहाड़ चिल्ला रहे—सड़कें बनाओ, जिंदगियां बचाओ! क्या आदेश रंग लाएंगे?
पीसीसीएफ एस.पी. सुबुद्धि सहित वरिष्ठ अधिकारी हाजिर। उत्तराखंड के पहाड़ पुकार रहे हैं—लापरवाही छोड़ो, रफ्तार पकड़ो! समय बताएगा, ये फरमान जादू करेंगे या वही पुरानी सुस्ती?
