मुख्यमंत्री धामी का धमाकेदार ऐलान: प्रवासी पंचायतों से लाखों बेटे लौटेंगे घर!
देहरादून, 19 दिसंबर: पहाड़ों की वादियां फिर गूंजने लगी हैं! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की 10वीं बैठक में जोरदार ऐलान किया—राज्यभर में प्रवासी पंचायतें आयोजित होंगी! देश-विदेश के लाखों उत्तराखंडी बेटों को बुलाओ, उनकी घर वापसी की कहानियां संजोओ। पलायन का दर्द अब इतिहास बनेगा!
ग्रामीण आजीविका पर ठोस कदम: सब्सिडी की बौछार, गांवों में उद्योगों का बोलबाला

कल्पना कीजिए—खाली पड़े गांव अब हंसी-खुशी से भरते जा रहे हैं। सीएम धामी ने कहा, “पलायन राज्य की सबसे बड़ी चुनौती था, लेकिन 4-5 सालों में हमने रिवर्स पलायन को उड़ान दी है!” ग्रामीणों को ऋण पर भारी सब्सिडी, लघु उद्योगों को बढ़ावा—पर्यटन से लेकर होमस्टे तक, गांव आत्मनिर्भर हो रहे हैं। पहाड़ी हवाओं में अब कमाई की खुशबू फैल रही है!
प्रवासी पंचायतों का जादू: विदेशी बेटों के सुझाव, त्रिवेंद्रम मॉडल पर ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए: हर जिले में पंचायतें लगाओ, प्रवासियों को आमंत्रित करो! उनकी योजनाओं की जानकारी दो, सुझाव लो। अन्य राज्यों में जाकर उत्तराखंड के मॉडल का प्रचार करो। त्रियुगीनारायण की तर्ज पर 25 नए वेडिंग डेस्टिनेशन तैयार होंगे—फूलों से सजे मंडप, आधुनिक सुविधाएं, शादियों का नया ठिकाना! पर्वतीय गांव अब शादीशुदा जोड़ों का स्वर्ग बनेंगे।
रिवर्स पलायन के आंकड़े चौंकाने वाले: 6282 लोग लौटे, पर्यटन में कमाल!

आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बताया, “अब गांवों में रिवर्स पलायन का सैलाब उमड़ रहा है—6282 लोग लौट चुके!” दिल्ली, मुंबई से लेकर दुबई तक के बेटे पर्यटन और लघु उद्योगों में डट गए। आत्मनिर्भरता की मिसालें खड़ी हो रही हैं—एक प्रवासी ने कहा, “शहर की चकाचौंध छोड़, पहाड़ की शांति ने बुलाया!”
सुझावों की बाढ़, भविष्य उज्ज्वल—क्या आपका गांव भी लौटेगा रंग में?
बैठक में सदस्यों ने रचनात्मक आइडियाज की झड़ी लगा दी। सचिव विनय शंकर पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद। उत्तराखंड के पहाड़ अब पुकार रहे हैं—लौट आओ बेटा, गांव तुम्हारा इंतजार कर रहा है! क्या आप भी इस रिवर्स पलायन की लहर में शामिल होंगे?
