उत्तरकाशी में बाल फिल्में बनी प्रेरणा का स्रोत, बच्चे खुद बनाएंगे फिल्में

Share Now

🎬 उत्तरकाशी के राइका कण्डारी में बाल फिल्म उत्सव – बच्चों ने सीखी नई सोच, नए सपने

90 से अधिक बच्चों ने देखी प्रेरणादायक फिल्में, अगला कदम – खुद बनाएंगे फिल्में!

उत्तरकाशी जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज कण्डारी-नौगांव में बच्चों के लिए एक अनोखा और सराहनीय आयोजन हुआ। यहां तीन दिवसीय लघु बाल फ़िल्म उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने न केवल रोचक और ज्ञानवर्धक फिल्में देखीं, बल्कि उनसे प्रेरणा भी ली।

इस आयोजन का मकसद था—बच्चों की सोच को एक नई दिशा देना। बच्चों को जैसे ही कक्षा से फुर्सत मिली, वे उत्साह के साथ फ़िल्म स्क्रीनिंग हॉल की ओर दौड़ पड़े। इन फिल्मों में सामाजिक संदेश, प्रेरणा और शिक्षा का समावेश था, जिसे देखकर बच्चों ने न सिर्फ आनंद लिया, बल्कि फिल्म से जुड़े सवालों के सटीक जवाब देकर यह भी साबित कर दिया कि वो कितनी गहराई से जुड़ रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक नितेश चौहान ने बताया,

“हमारा उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच का विकास करना है। फ़िल्म एक ऐसा माध्यम है, जो बच्चों को गहराई से प्रभावित करता है।“

विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश रावत ने भी इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा,

“एक अच्छी फ़िल्म बच्चों को जीवन के महत्वपूर्ण पाठ सिखा सकती है। इससे उनका मानसिक स्तर और सोचने की क्षमता दोनों विकसित होती है।“

कार्यक्रम संयोजिका सुरक्षा रावत ने कहा,

“फ़िल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विचार और संवेदनशीलता की जननी हैं। बच्चों ने इसे समूह में देखा और सीखा—यह सामूहिक शिक्षा का सबसे सुंदर उदाहरण है।“

सबसे खास बात यह रही कि अब बच्चे सिर्फ दर्शक नहीं रहेंगे—अगले चरण में उन्हें खुद फिल्म बनानी सिखाई जाएगी। इसके लिए कहानी लेखन, संवाद लेखन और लघु फिल्म निर्माण की तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी।

🎥 यह छोटा सा फ़िल्म उत्सव एक बड़े सपने की शुरुआत है—जहाँ पहाड़ के बच्चे भी कैमरा, कलम और क्रिएटिविटी के ज़रिए अपनी दुनिया गढ़ेंगे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!