चमोली में क़हर बरपा बादल! थराली तहसील में तबाही, घर-दुकानें बहीं, लोग लापता

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🌧️ देर रात आफ़त बनकर टूटा बादल

उत्तराखंड के चमोली ज़िले में थराली तहसील पर देर रात क़हर बरपा। टूनरी गदेरा में बादल फटने से ऐसा मंजर बना कि पूरा इलाका दहशत में आ गया। अचानक आए मलबे ने एसडीएम आवास, तहसील परिसर और कई घरों को जमींदोज़ कर दिया।


🏚️ घरों-दुकानों पर टूटा कहर

  • थराली बाज़ार में दर्जनों मकानों और दुकानों में मलबा घुस आया
  • 3 से अधिक दुकानें बह गईं।
  • गाड़ियां मलबे में दब गईं और कई वाहन सड़क से बहकर लोगों के घरों तक पहुंच गए।
  • थराली-सागवाड़ा मार्ग और थराली-ग्वालदम मार्ग पूरी तरह बंद।

😢 दो लोग लापता, दहशत में गांव

सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति के मलबे में दबे होने की सूचना है। 20 वर्षीय युवती भी लापता है।
स्थानीय लोग पूरी रात अपने परिजनों और पड़ोसियों को पुकारते रहे। आंखों के सामने घर बहते देख गांव के बुज़ुर्ग रो पड़े।

“हम रातभर घर छोड़कर बाहर खड़े रहे… मलबा आंखों के सामने सब कुछ बहा ले गया।” – थराली बाज़ार के एक व्यापारी


🚨 प्रशासन अलर्ट, टीमें मौके पर

चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने नुकसान की पुष्टि की है।

  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
  • एसडीएम ने समय रहते आवास छोड़कर खुद और परिजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
  • भारी बारिश को देखते हुए थराली, देवाल और नारायणबगड़ के सभी स्कूल आज बंद कर दिए गए।

💔 पहाड़ का दर्द फिर सामने

थराली की सड़कों पर सिर्फ़ कीचड़, मलबा और टूटी हुई ज़िंदगी के निशान बचे हैं।
लोग अपने घरों और गाड़ियां मलबे से निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बारिश ने डर और बढ़ा दिया है।


⛰️ यह सिर्फ़ एक बादल फटना नहीं था, बल्कि पहाड़ के ज़ख्मों को और गहरा कर गया एक हादसा।
👉 सवाल वही है—क्या हम कभी समय रहते इन आपदाओं से सचमुच बच पाएंगे?

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