CMS को ENT सर्जन घोषित करना संवैधानिक या हास्यास्पद?

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स्थान: अल्मोड़ा


“ENT सर्जन नहीं तो CMS से ही ऑपरेशन करा लो?” — स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर संजय पांडे का तीखा हमला

सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल, कहा: ‘यह विभाग नहीं, हास्य मंडली लग रही है’


अल्मोड़ा, 17 मई
उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ENT सर्जन की अनुपलब्धता के बावजूद, स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी से ENT सर्जरी कराने का विवादास्पद आदेश जारी कर दिया, जिस पर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।


🗣️ “CMS सर्जन नहीं हैं, फिर उनसे ENT सर्जरी क्यों?”

14 मई 2025 को जारी आदेश हेल्पलाइन शिकायत CMHL-052025-B-745553 के जवाब में आया। इसमें डॉ. गड़कोटी को ENT सर्जन मानते हुए उनसे सर्जरी कराए जाने का निर्देश दिया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि डॉ. गड़कोटी ENT विशेषज्ञ नहीं, बल्कि प्रशासनिक पद पर कार्यरत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक हैं।

संजय पाण्डे ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा —

“यह कोई स्वास्थ्य विभाग नहीं, हास्य मंडली लग रही है। ENT सर्जन नहीं तो CMS से ही ऑपरेशन करा लो – यही है विभाग की देखभाल?”


⚠️ वर्षों से ENT पद खाली, मरीज बेहाल

  • ENT सर्जन का पद वर्षों से रिक्त है।
  • डॉ. मोनिका सम्मल का स्थानांतरण आदेश पहले ही जारी हो चुका है, लेकिन उन्हें कार्यभार ग्रहण करने से रोक दिया गया है।
  • मरीजों को गंभीर चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रहीं, विभाग प्रबंधन और आदेशों के खेल में उलझा है।

🔎 भ्रामक रिपोर्टों का आरोप

संजय पांडे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पंत और CMS डॉ. गड़कोटी पर आरोप लगाया कि वे झूठी व भ्रामक रिपोर्टें भेजकर अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं और डॉ. मोनिका की नियुक्ति को रोका जा रहा है।


🚨 मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना

यह आदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस स्पष्ट निर्देश का उल्लंघन है जिसमें कहा गया था कि शिकायतकर्ता की सहमति के बिना कोई शिकायत बंद नहीं होगी। इससे स्पष्ट है कि विभाग जानबूझकर शिकायतों को दबाने की कोशिश कर रहा है।


📢 नई शिकायत व मांगें दर्ज

संजय पांडे ने नई शिकायत (क्रमांक: CMHL-052025-B-753053) के माध्यम से उठाईं ये प्रमुख मांगें:

  1. ENT सर्जन की तत्काल नियुक्ति
  2. डॉ. मोनिका सम्मल को कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति
  3. सीएमओ और CMS की रिपोर्टों की स्वतंत्र जांच
  4. हेल्पलाइन शिकायत प्रणाली में पारदर्शिता और स्वतंत्र समिति गठन

📤 प्रधानमंत्री कार्यालय व राज्यपाल तक पहुँचा मामला

यह मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव उत्तराखंड और विधानसभा अध्यक्ष तक पहुँचा दिया गया है। त्वरित हस्तक्षेप और जवाबदेही की अपेक्षा की जा रही है।


🗣️ Meru Raibar की विशेष टिप्पणी

जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत बिलकुल उलट है। अगर डॉक्टरों की पोस्ट खाली हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से सर्जरी कराने की सोच विकसित हो रही है, तो यह न केवल हास्यास्पद है बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।


📍 Meru Raibar अपील करता है कि इस विषय पर उच्च स्तर पर सख्त कार्रवाई हो और ENT सेवाएं तत्काल बहाल की जाएं।


✍️ रिपोर्ट: Meru Raibar ब्यूरो, अल्मोड़ा

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