कांग्रेस के सामने घर के बबंडर को शांत करने और अस्तित्व बचाने की दोहरी चुनौतीः चौहान

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देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चैहान ने कहा कि परिवर्तन और संकल्प का ढोल पीटकर यात्रा का शंखनाद कर रही कांग्रेस के सामने इस बार अस्तित्व बचाने की चुनौती से पार पाना प्राथमिकता है और यात्रा शुरू होने से पहले ही जिस तरह से कई सूरमा नजरंदाज किए गए हैं उससे यात्रा के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। पार्टी कार्यालय मे कांग्रेस की यात्रा को लेकर पूछे गए सवालों पर चैहान ने कहा कि कांग्रेस की इस तथाकथित यात्रा को लेकर न जनता मे उत्साह है और न ही आम कांग्रेसियों मे कोई सकारामक प्रतिक्रिया ही देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जो चेहरे यात्रा के लिए सामने रखे गए हैं उनमे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सीएम हरीश रावत गायब हैं। इसे लेकर कांग्रेस मे अंदरूनी पर्रिवर्तन पर चर्चा है और कार्यकर्ता यात्रा को लेकर उत्साहित नही हैं। हालांकि पूर्व सीएम समर्थक लम्बे समय से उनकी उपेक्षा को लेकर खुले आम चेतावनी जारी करते आये हैं।
चैहान ने कहा कि लोकतंत्र मे पक्ष और विपक्ष जनता के प्रति जवाबदेही का निर्वहन करते रहते हैं। लेकिन विकल्प देकर जनता ने अपने फैसले मे संशोधन किया है। 2012 मे जनता ने कांग्रेस को भाजपा पर तरजीह दी, लेकिन उसका खामियाजा भी जनता को ही भुगतना पड़ा। पूरे 5 साल सीएम को लेकर तनातनी, मंत्रिमंडल का चयन और गुटीय संघर्ष रहा तो घपले घोटालों की बाढ़ आ गयी और जनता ने सरकार बचाने की खातिर विधायकों की खरीद फरोख्त की डील भी देखी। इसके बाद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा नही किया और एक बार फिर सीएम पुष्कर धामी क्लीन स्वीप कर हैट्रिक करने वाले हैं।
चैहान ने कहा कि कांग्रेस एन चुनाव से पहले जनता के बीच जाने की नौटंकी कर रही है, लेकिन जिन मुद्दों पर वह सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है उन पर जनता उन्हे पहले ही नकार चुकी है। भाजपा विकास कार्यों और उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच निरंतर बनी हुई है और लगातार जनता का आशीर्वाद उसे मिल रहा है। भाजपा के पास कोई कठिन लक्ष्य नही है, जबकि कांग्रेस के पास घर मे बबंडर को शांत करने और अस्तित्व बचाने की दोहरी चुनौती है, जो कि आसान नही है।

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