बंदरों की साजिश? बाहर से लाकर छोड़े जा रहे!

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बंदरों की कृत्रिम आमद पर भड़के संजय पांडे – वन विभाग ने सख्ती दिखाई, पर संतुष्ट नहीं हैं सामाजिक कार्यकर्ता!

अल्मोड़ा (Meru Raibar News):
अल्मोड़ा नगर क्षेत्र में कृत्रिम रूप से छोड़े जा रहे बंदरों की बढ़ती संख्या न सिर्फ जनसुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे लगातार संघर्ष कर रहे हैं – और अब उनकी पहल का असर दिखने लगा है। वन विभाग ने इस मुद्दे पर पहली बार सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।


प्रशासन को जगाने वाले संजय पांडे की चेतावनी – “अब कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी!”

बंदरों की कृत्रिम आमद को लेकर संजय पांडे वर्षों से आवाज़ उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी जनपदों से बंदरों को लाकर अल्मोड़ा में छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में उन पर हुए जानलेवा हमले के बावजूद उनकी सक्रियता और बढ़ गई है। संजय पांडे ने इस विषय को:

  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CMHL-052025-8-757620)
  • वन्य जीव संघर्ष हेल्पलाइन 1926
  • जिलाधिकारी कार्यालय (2 ज्ञापन)
    के माध्यम से मजबूती से उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से वे बेहद असंतुष्ट हैं।

वन विभाग की कार्रवाई – आदेश हुए जारी, सख्ती की तैयारी!

पांडे के निरंतर प्रयासों के बाद वन विभाग ने आदेश जारी किए हैं, जिनमें:

  • पुलिस थानों और चेकपोस्टों को निर्देशित किया गया है कि वे बाहरी क्षेत्रों से बंदरों को लाकर छोड़ने की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें।
  • संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश शामिल हैं।

लेकिन पांडे का कहना है कि केवल आदेश जारी करने से कुछ नहीं होगा, जब तक जमीन पर ठोस क्रियान्वयन न हो।


“पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में भी उठाया था मुद्दा”

संजय पांडे ने बताया कि उन्होंने यह मामला पूर्व जिलाधिकारी वंदना सिंह के कार्यकाल में भी उठाया था। तब मौखिक आदेशों के बाद कुछ समय के लिए बंदरों की आमद रुकी, लेकिन समुचित निगरानी और समन्वय की कमी के कारण समस्या फिर विकराल हो गई।


“अगर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उठाएंगे कानूनी कदम” – संजय पांडे

सामाजिक कार्यकर्ता पांडे ने प्रशासन को चेताया कि यदि अब भी इस मुद्दे को हल्के में लिया गया, तो वे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।
उन्होंने यह भी मांग की है कि वन विभाग के निर्देशों को अल्मोड़ा जनपद की सभी सीमा चौकियों पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि इस समस्या पर स्थायी समाधान मिल सके।


🗣️ Meru Raibar की विशेष टिप्पणी:

“सिर्फ फाइलों में आदेश नहीं, सड़कों पर कार्रवाई चाहिए!”
जनहित के मुद्दों पर संजय पांडे की निष्ठा प्रेरणादायक है। यह समय है कि प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग और पुलिस मिलकर इस चुनौती का सामना करें।
जनसुरक्षा कोई विकल्प नहीं – यह एक अनिवार्यता है।


📌 रिपोर्टर: Meru Raibar News Team
📍 स्थान: अल्मोड़ा
🖋️ फोटो और प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करें: meruraibar@gmail.com


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