शातिर बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड, तीन गिरफ्तार

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हरिद्वार। शुक्रवार को हरकी पैड़ी के विष्णु घाट से चोरी हुई संभल (उत्तर प्रदेश) के परिवार की चार महीने की मासूम बच्ची को पुलिस और एसओजी की टीम ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने इस शातिर बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक दंपती समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीती 27 मई को संभल (उत्तर प्रदेश) निवासी पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। रात में पूरा परिवार विष्णुघाट के पास हाथी पुल के नीचे सो रहा था। सुबह जागने पर उनकी चार महीने की बेटी गायब थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया। चोरी का सटीक समय पता न होने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी खंगाले, तो एक दंपती संदिग्ध लगा। वे पहले एक बच्चे के साथ घूम रहे थे, लेकिन अगले दिन रोडवेज बस में उनके पास दो बच्चे दिखे।जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह दंपती धामपुर में उतरकर हावड़ा जाने वाली ट्रेन में बैठ गया था। पुलिस और एसओजी की टीमों ने धामपुर से हावड़ा के बीच पड़ने वाले 65 रेलवे स्टेशनों पर छानबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने अपनी रणनीति बदली और संदिग्धों की हरिद्वार में एंट्री और उनके स्थानीय ठिकानों की पड़ताल शुरू की। जांच का एंगल बदलते ही पुलिस ब्रह्मपुरी क्षेत्र में झाड़-फूंक करने वाले एक बाबा तक पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी कर सत्यपाल उर्फ बाबा, इटावा निवासी लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चार महीने की बच्ची पूरी तरह सुरक्षित मिल गई।
आरोपितों ने कुबूल किया कि उनके एक परिचित निसंतान दंपती को बेटा चाहिए था, जिसके बदले उन्हें 3 लाख रुपये मिलने थे। इसी लालच में आकर उन्होंने 27 मई की रात सो रहे परिवार के बीच से बच्ची को उठा लिया। जब उन्हें पता चला कि वह लड़की है, तो वे उसे अपने गांव ले गए। अब वे उस बच्ची को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के इरादे से वापस हरिद्वार लौटे थे, तभी दबोच लिए गए।

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