सिंघु बॉर्डर पर दलित युवक की बर्बरता से हत्या – दलित संगठन ने अनुसूचित आयोग से की मुलाकात

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सिंघु बॉर्डर पर दलित युवक लखबीर सिंह की शुक्रवार को बर्बरता से हत्या कर दी गई थी. इस बात से दलित संगठन नाराज है. उन्होंने अनुसूचित आयोग के चेयरमैन विजय सांपला से मुलाकात की.
नई दिल्ली: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा की सीमा सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर हुई दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के आरोपी सरबजीत को आज (शनिवार को) सोनीपत कोर्ट में पेश किया गया. क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी को लेकर कोर्ट पहुंची. कोर्ट ने सरबजीत को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. निहंग सिख सरबजीत ने कुंडली थाना पुलिस के सामने सरेंडर करके हत्या की वारदात को स्वीकार किया था.।

क्या था मामला जानिए


दिल्ली – किसान अंदोलन में सिंघु बॉर्डर पर निहंग सिखो ने एक युवक का हाथ-पैर काटकर मार दिया, फिर पुलिस की बैरिकेडिंग पर टांग दिया।

सुबह जब प्रदर्शन स्थल पर युवक की क्षत-विक्षत लाश मिली तो सनसनी फैल गई। शाम होते-होते एक निहंग सिख ने युवक की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
आरोपी निहंग के अनुसार उनसे युवक की हत्या इसलिए की थी, क्योंकि उसने पवित्र धर्म ग्रंथ का अपमान किया था। मृतक युवक निहंग सिखों के घोड़ों की देखभाल करता था। घटना वाले दिन इसने गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी की थी और पकड़ा गया था। जिसके बाद निहंग सिख ने जब इससे कारण पूछा तो युवक ने कुछ नहीं बोला। जिसके बाद उसका हाथ-पैर काट कर मार दिया गया। हत्या को अंजाम देने वाले शख्स का नाम सरवजीत सिंह है।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से हत्या के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसे कोई अफसोस नहीं है। आरोपी के चेहरे पर ना तो कोई डर दिख रहा था, ना ही दुख का कोई भाव। मृतक युवक पंजाब के तरन तारन का रहने वाला था।

कौन होते हैं निहंग-

निहंग को सिख समुदाय के योद्धा कहा जाता है। या फिर इसे सिख धर्म का रक्षक भी माना जाता है। सिख इतिहासकार डॉ बलवंत सिंह ढिल्लों का कहना है कि निहंग के गठन के आदेश का पता 1699 में गुरु गोबिंद सिंह द्वारा खालसा के निर्माण से लगाया जा सकता है। निहंग शब्द, गुरु ग्रंथ साहिब में एक भजन में भी आता है। जहां इसे एक निडर व्यक्ति के रूप में पेश किया गया है।

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