दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र गौतम ने विकासनगर और सहसपुर में की जनसभा

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देहरादून। दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान पहले दिन विकासनगर पहुंचे जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में शिरकत की। विकासनगर में हुई जनसभा में उन्होंने जनता का अभिवादन करते हुए कहा कि जनता को यह जानना जरुरी है कि सरकार की असल जरुरत किसको है। आज मंहगाई बढ चुकी है और जनता को ही इस पर गंभीर होना होगा। उन्होंने कहा कि आज हर मां बाप की एक समस्या है कि उनके बच्चे पढेंगे कैसे। और कोई गंभीर बीमारी से पीडित है तो उसका इलाज कैसे संभव होगा। और तीसरी सबसे बडी चिंता रोजगार है। जो हर परिवार की समस्या है।
जिनके पास पैसा है वो पैसे के दम पर अपने बच्चों को बडे स्कूलों में पढाते है। अच्छे अस्पतालों में वे लोग अपने परिजनों का इलाज करवा सकते हैं। वो लोग पैसे के दम पर बडे बडे दलों को चंदा देकर अपने मुताबिक सरकार बनवा सकते हैं। विपक्षी विधायकों की खरीद फरोख्त होती है और ये  अपने मुताबिक सरकार से नीतियां बनवाते हैं, ताकि उनका पूरा पैसा वसूल हो जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग पैसे से और शराब से वोट खरीदते हैं, वो देश को बेचने में कोई कसर नहीं छोडते।
उन्होंने केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने रेल,एलआईसी,बैंकिंग से लेकर सबकुछ बेच दिया। जनता संघर्ष करती रही है लेकिन उत्तराखंड की जनता को क्या मिला। क्या शहीदों के सपने का उत्तराखंड बन पाया है। जहां आज लोगों के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधा, रोजगार नहीं मिल पा रहा है। यहां बिजली बनती है लेकिन लोगों को सस्ती बिजली नहीं मिलती। क्या ऐसा सपना देखा था शहीदों ने आंदोलनकारियों ने । उन्होंने कहा कि सर्वे करा लीजिए सबसे ज्यादा आईएएस,वकील,डॉक्टर,जज सभी सरकारी स्कलों से पढे हैं ,लेकिन आज प्राईवेट स्कूलों की बाढ आ गई है। ये सब स्कूल ऐसे नेताओं की देन है जो सरकारी स्कूलों का अस्तित्व खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज भी क्वालीफाईड टीचर सरकारी स्कूलों में हैं लेकिन लोग अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूल में ही पढवाते हैं।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता सभी के घोषणापत्र निकाल कर देखे कि कौन सी पार्टी ऐसी है जिसने अपने वादे पूरे किए तो आप पार्टी को ही पाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में कई बच्चे ऐसे हैं जो टॉपर थे। वो हमारे पास आए और कहा कि हम कोचिंग लेने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्कीम बनाई और ऐसे गरीब बच्चों  की प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए कोचिंग सेंटर को इम्पैनल किया। और लगभग 15 हजार बच्चों को दिल्ली के अंदर किसी भी कॉम्पिटेट एग्जाम्स में जाना हो तो उसका सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाती है। इसके अलावा उन बच्चों को 2500 रुपये स्टाईफेंड भी बच्चों को आने जाने के लिए दिया जाता है। मुख्य मंत्री प्रतिभा विकास योजना स्कीम के तहत जिस संस्थान में दिल्ली के मुख्यमंत्री के बेटे का एडमिशन हुआ उसी संस्थान में गरीब के बच्चे भी आईआईटी की कोचिंग ले रहे हैं।

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