टिहरी विस्थापितों के वन भूमि पर बसे गांवों की तरह बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव बनाये जाने की मांग

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– बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव बनाये जाने की माँग को लेकर भाकपा माले ने दिया धरना
लालकुआँ

बिन्दुखत्ता को भी टिहरी विस्थापितों के वन भूमि पर बसे गांवों की तरह राजस्व गाँव बनाये जाने की भाजपा की उत्तराखंड सरकार से मांग हेतु शहीद स्मारक बिन्दुखत्ता पर भाकपा माले द्वारा शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए एकदिवसीय चेतावनी धरना दिया गया।
उन्होंने सवाल किया कि जब उत्तराखण्ड सरकार वन भूमि पर बसाए गए टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्रों के 9 गांवों को राजस्व ग्राम बनाये जाने की अधिसूचना जारी कर सकती है तो नैनीताल जिले के बिन्दुखत्ता और वन भूमि पर बसे अन्य खत्तों को राजस्व गाँव का दर्जा दिया जाये।
भाकपा माले चेतावनी धरने के बाद तहसील लालकुआं के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया जिसमें बिन्दुखत्ता व वन भूमि पर बसे अन्य खत्तों को भी टिहरी विस्थापितों के वन भूमि पर बसे गांवों की तरह ही राजस्व गाँव बनाये जाने की मांग की गई ।

डॉ कैलाश पाण्डेय, जिला सचिव, भाकपा माले

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