उत्तराखंड पुलिस में पहली बार हुआ ऐतिहासिक संवाद – महिला अधिकारियों संग DGP का ओपन हाउस सेशन
मुख्यालय, देहरादून | 20 मई 2025 | Meru Raibar विशेष संवाददाता
राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस ने एक नया इतिहास रचते हुए महिला पुलिस अधिकारियों के साथ प्रथम ओपन हाउस संवाद सत्र का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने की, जिसमें सब-इंस्पेक्टर से लेकर आई.जी. स्तर की महिला अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।

🌟 मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर साकार हुआ संवाद
इस संवाद सत्र का आयोजन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष निर्देशन में किया गया। राज्य के रजत जयंती वर्ष को महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए मनाने की दिशा में यह आयोजन एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
💬 महिलाओं की कार्यकुशलता को मिला मंच और मान
इस सत्र में महिला अधिकारियों ने खुले मंच पर अपने अनुभव, चुनौतियाँ, और समाधान सुझाए, जिन पर डीजीपी श्री सेठ ने सहानुभूतिपूर्वक और सक्रिय रूप से चर्चा की।
उन्होंने कहा—
“महिला पुलिस बल केवल संख्या नहीं, बल्कि उत्तराखंड पुलिस की शक्ति और संवेदना का प्रतीक हैं। उन्हें पेशेवर दक्षता के साथ-साथ नेतृत्व के अवसर भी मिलें, यही हमारा लक्ष्य है।”

🔍 पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को मिलेगा और विस्तार
बैठक में तय किया गया कि भविष्य में महिला पुलिस कार्मिकों को महत्वपूर्ण और निर्णयकारी जिम्मेदारियों में प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, और पदोन्नति की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाएगा।
🗣️ Meru Raibar की राय:
“राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर यह पहल केवल संवाद नहीं, एक दृष्टिकोण है—जिसमें महिला शक्ति को समान अवसर, सम्मान और नेतृत्व की भूमिका प्रदान करने की ठोस पहल की गई है। यह कदम निश्चित ही उत्तराखंड पुलिस को अधिक समावेशी, प्रभावी और संवेदनशील बनाएगा।”

🔖 प्रमुख बिंदु एक नजर में:
- पहली बार महिला पुलिस अधिकारियों से डीजीपी का प्रत्यक्ष संवाद
- सब-इंस्पेक्टर से लेकर आई.जी. स्तर की अधिकारियों ने रखे विचार
- कार्यस्थल पर चुनौतियाँ, सुझाव, समाधान पर खुली चर्चा
- महिलाओं को पेशेवर जिम्मेदारियों में आगे लाने की प्रतिबद्धता
