🔴 “पहाड़ के स्कूल बनेंगे हाई-टेक, JEE का सपना होगा साकार!”
नई टिहरी | 22 दिसंबर 2025
अब पहाड़ के बच्चों का सपना नेटवर्क की कमी में नहीं अटकेगा। टिहरी गढ़वाल में विद्यालयों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में साफ संदेश दिया गया —
“टैलेंट की कमी नहीं, अब इंटरनेट की भी नहीं होगी।”
📡 JEE की तैयारी में नेटवर्क सबसे बड़ी चुनौती
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद टिहरी में Physics Wallah के माध्यम से JEE की ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है, लेकिन वर्तमान में करीब 170 छात्र कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी से जूझ रहे हैं।
“अगर नेटवर्क मज़बूत होगा, तो पहाड़ से भी IIT निकलेंगे,” — DM नितिका खण्डेलवाल
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन छात्रों को सुचारू और मजबूत इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि अधिक से अधिक छात्र JEE मेन्स जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर सकें।
🏫 टिहरी के स्कूल होंगे हाई-टेक
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिए कि वे
- डिजिटल शिक्षा को समझें
- ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए खुद भी तैयार हों
- और स्कूलों में तकनीक को प्रभावी ढंग से लागू करें
स्पष्ट संकेत है — अब पढ़ाई सिर्फ़ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी।
🛰️ कैसे पहुंचेगा इंटरनेट पहाड़ के स्कूलों तक?
राज्य अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के MD सौरभ गहरवाल ने तकनीकी खाका सामने रखा।
उन्होंने बताया:
“विकास भवन को केंद्रीय हब बनाया जाएगा। वहां से टावर के ज़रिए अलग-अलग विद्यालयों तक वायरलेस नेटवर्क पहुंचेगा।”
विद्यालयों में यह सुविधा वायरलेस और इंट्रा-नेट आधारित होगी, जिससे
- नेटवर्क बाधित नहीं होगा
- ऑनलाइन क्लास निर्बाध चलेगी
- और छात्र बिना रुकावट पढ़ सकेंगे
🌄 पहाड़ से IIT तक का रास्ता
यह सिर्फ़ इंटरनेट की बात नहीं है —
यह टिहरी के बच्चों के भविष्य की बात है।
जहां पहले नेटवर्क नहीं पहुंचता था,
अब वहीं से IIT की तैयारी होगी।
🔥 आख़िरी सवाल
जब तकनीक और टैलेंट मिल जाए…
तो क्या पहाड़ के बच्चे भी देश के टॉप इंजीनियर नहीं बन सकते?
टिहरी ने जवाब देना शुरू कर दिया है।
