देहरादून
कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया जिसका कई कर्मचारी संगठनों ने पूर्व में भी विरोध किया था लेकिन अब चिकित्सकों ने भी इसके खिलाफ आवाज बुलन्द करते हुए सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए इस निर्णय को वापिस लेने के साथ ही अन्य मांगों को पूरा करने की बात कही है जिसको लेकर अब राजनीति भी तेज हो गयी है।
हालाँकि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कहना है डॉक्टरों के द्वारा जो हड़ताल पर जाने या सामूहिक रूप से वीआरएस लेने की बात कही है इसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली है जिस पर विभागीय सचिव को समाधान करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सीएम ने कहा अगर किसी कर्मचारी की जायज समस्याएं है उन्हें मानना चाहिए।
वंही अब डॉक्टरों और नर्सो की मांगों को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा वैसे तो सरकार इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह फेल है जनता को रामभरोसे छोड़ दिया है लेकिन ऐसी स्थिति में अगर डॉक्टर हड़ताल करेगे तो क्या हालत होगी इसके साथ ही प्रीतम ने कहा सरकार ने डॉक्टरों का वेतन काटने का जो निर्णय लिया है वो मूर्खतापूर्ण निर्णय है सरकार को इस निर्णय को वापिस लेना चाहिए
वंही पूर्व सीएम हरीश रावत ने इस निर्णय के सम्बन्ध में कहा सरकार के पास कोरोना से लड़ने में नीति निर्धारण की कमी है लेकिन फिर भी इस महामारी से लड़ने में विपक्ष साथ दे रहा है लेकिन डॉक्टर्स और नर्सेज हड़ताल पर जाने की बात कह रहे है ये चिंताजनक है।
