🔴 उत्तरकाशी से बड़ी खबर: चिकित्सकों की आवाज़ हुई बुलंद!
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ का अधिवेशन सम्पन्न, नई कार्यकारिणी का गठन
उत्तरकाशी |
शनिवार को उत्तरकाशी में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ का अधिवेशन सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं था, बल्कि यह चिकित्सकों के हक़, सम्मान और संघर्ष की गूंज बनकर उभरा। चिकित्सा संघ भवन में आयोजित इस अधिवेशन में जहां नई कार्यकारिणी का गठन हुआ, वहीं वर्षों से लंबित मांगों ने भी एक बार फिर प्रशासन का ध्यान खींचा।
🔥 सर्वसम्मति से बीना रमोला बनीं जिला अध्यक्ष
अधिवेशन में सर्वसम्मति से डॉ. बीना रमोला को जिला अध्यक्ष चुना गया। उनके नाम की घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। चिकित्सकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संघ की आवाज़ और मजबूत होगी।
🎙️ वरिष्ठ चिकित्सक ने किया अधिवेशन का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक CMO डॉ. वी.एस. रावत ने किया। उन्होंने कहा—
“चिकित्सक सिर्फ इलाज नहीं करता, वह आपदा, यात्रा और संकट के समय समाज की ढाल होता है। ऐसे में सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है।”
⚠️ यात्रा ड्यूटी पर सुविधाओं का मुद्दा गरमाया
चारधाम यात्रा ड्यूटी को लेकर चिकित्सकों का दर्द खुलकर सामने आया।
चिकित्सकों ने साफ कहा कि—
- यात्रा ड्यूटी के दौरान रहने और खाने की समुचित व्यवस्था हो
- दवाइयों और संसाधनों की कमी न हो
- चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए
एक डॉक्टर ने भावुक होकर कहा—
“हम यात्रियों की जान बचाने के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं, लेकिन खुद मूलभूत सुविधाओं से जूझते हैं।”
🧑⚕️ नई कार्यकारिणी की पूरी सूची
- महासचिव: डॉ. नवनीत पंचोला
- कोषाध्यक्ष: डॉ. विकास semwal
- उपाध्यक्ष (गंगावाली): डॉ. आस्था, डॉ. वेद प्रकाश
- उपाध्यक्ष (यमुनावाली): डॉ. स्मृति, डॉ. नितेश रावत
- मीडिया प्रभारी: डॉ. मोहित लवानिया, डॉ. सचिन
- संरक्षक: डॉ. बी.एस. रावत, डॉ. पी.एस. पोखरियाल
🩺 संदेश साफ है…
यह अधिवेशन सिर्फ पदों का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह संकेत था कि अब चिकित्सक चुप नहीं रहेंगे।
उत्तरकाशी के डॉक्टरों ने एकजुट होकर बता दिया है—
“जो समाज की सेहत संभालता है, उसकी सेहत और सम्मान की जिम्मेदारी भी सिस्टम की है।”
अब सवाल यही है—क्या सरकार इस आवाज़ को सुनेगी या यह गूंज और तेज़ होगी?
