“फोन स्विच ऑफ, ऑफिस से नदारद… मानसून में लापरवाही पर गिरी गाज, चम्बा के EO को मिला चार्ज”
🎬 ओपनिंग
बारिश की एक-एक बूंद जैसे खतरे की घंटी बजा रही थी… और उसी वक्त नई टिहरी शहर की नालियों से बदबूदार पानी उफनता हुआ सड़कों पर बह रहा था। रेड अलर्ट के बीच जब हालात बिगड़ते दिखे, तो जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने खुद फील्ड में उतरकर हालात देखे… और फिर जो हुआ, उसने नगर पालिका के अफसरों को हिलाकर रख दिया!

📝 न्यूज़ स्क्रिप्ट
🚫 EO का फोन स्विच ऑफ, कलेक्टर भड़कीं!
29 जून को टिहरी में तेज़ बारिश की आशंका को लेकर रेड अलर्ट जारी था। लेकिन जब जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने नई टिहरी की गलियों का निरीक्षण किया, तो नालियां जाम और गंदगी से भरी पड़ी थीं।
उन्होंने तत्काल अधिशासी अधिकारी संजय कुमार को फोन मिलाया, मगर…
“मोबाइल स्विच ऑफ था… ऐसी लापरवाही मानसून के समय बर्दाश्त नहीं!”
– जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल
❌ ऑफिस से भी नदारद, जवाब नहीं दिया EO ने
खबर यहीं खत्म नहीं होती। EO संजय कुमार 28 जून से ही दफ्तर से गायब हैं। न कोई सूचना, न कोई स्पष्टीकरण। जिलाधिकारी ने पहले स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन तय तारीख तक जवाब तक नहीं मिला।
“रेड अलर्ट के बीच कोई अधिकारी गायब कैसे हो सकता है?”
– स्थानीय निवासी
💥 कलेक्टर का सख्त एक्शन – वेतन पर रोक!
अब जिलाधिकारी ने EO संजय कुमार के जुलाई माह के वेतन पर रोक लगा दी है। आदेश साफ है कि आगे की जांच पूरी होने तक वेतन नहीं मिलेगा।
इधर, बारिश का सीजन अपने चरम पर है। इसलिए जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद चम्बा के EO प्रशान्त कुमार को नई टिहरी नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है, ताकि जनता को कोई दिक्कत न हो।
🌧️ जनता में गुस्सा, सड़कों पर पानी ही पानी
नई टिहरी के लोग खासे नाराज़ हैं। नालियों के ओवरफ्लो से कई जगहों पर सड़कें लबालब हो चुकी हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा –
“बारिश आती है तो सड़कों पर नदियाँ बहने लगती हैं… अफसरों को तो बैठा ही नहीं रहना चाहिए!”
लोगों का कहना है, मानसून में अगर कोई अफसर गायब हो जाए, तो हालात और बदतर हो सकते हैं।
🔥 क्लोजिंग लाइन:
बारिश अब भी जारी है, बादल फिर मंडरा रहे हैं… लेकिन सवाल ये है – जब आफत बरसे, तब जिम्मेदार अफसर आखिर कहां गायब हो जाते हैं?
