हर ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण, गांव होंगे ई-गवर्नेंस से लैस-मुख्यमंत्री

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हेडलाइन:
गांवों से बदलेंगे विकास के समीकरण! धामी सरकार का बड़ा ऐलान, हर पंचायत में पहुंचेगी डिजिटल मॉनिटरिंग और ‘वन-स्टॉप’ सुविधा

सबहेडिंग:
मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग की बैठक में दिए सख्त निर्देश –


देहरादून।
उत्तराखंड के गांव अब बदलेंगे… और बदलाव की ये गूंज सीधे सचिवालय से आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पंचायतीराज विभाग की अहम बैठक में कहा – “गांवों का विकास ही देश के विकास की नींव है। हमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करना है।”

बैठक में मुख्यमंत्री ने जो रोडमैप रखा, वो गांवों की तस्वीर ही बदल सकता है।


अब हर पंचायत बनेगी ‘वन-स्टॉप सेंटर’

धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में ‘एकीकृत पंचायत भवन’ बनाए जाएं। इन भवनों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पटवारी, आशा वर्कर—सब एक ही जगह बैठेंगे।

  • गांव वालों को चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
  • सभी सरकारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे।
  • काम की निगरानी और जवाबदेही और मजबूत होगी।

हर गांव में होगी डिजिटल मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं की रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो और पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिले।

  • हर काम का ऑडिट होगा।
  • जानकारी सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
  • गांव के लोग शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और उनका समयबद्ध निस्तारण होगा।

प्रशिक्षण और जनभागीदारी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को

  • आधुनिक तकनीक
  • वित्तीय प्रबंधन
  • शासन प्रणाली
    का विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

धामी बोले – “विकास योजनाओं में जनता की राय और भागीदारी सबसे अहम है। कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रहना चाहिए।”


गांवों की संस्कृति भी बनेगी ताकत

बैठक में यह भी तय हुआ कि ग्राम सभाओं का स्थापना दिवस अब उत्सव की तरह मनाया जाएगा।

  • मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रबुद्धजनों की जयंती पर आयोजन होंगे।
  • इससे गांव की संस्कृति और आपसी जुड़ाव मजबूत होगा।

भविष्य की तस्वीर – गांवों से ही चमकेगा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 15 वर्षों में कितना ग्रामीण क्षेत्र शहरी बनेगा, इसका आकलन बेहद जरूरी है।
यानी आने वाले सालों में गांवों से ही विकास की असली रफ्तार तय होगी।

बैठक में मौजूद रहे:
अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, और निदेशक पंचायतीराज निधि यादव


समापन लाइन (पंच):
अगर ये रोडमैप जमीन पर उतर गया… तो उत्तराखंड के गांव सिर्फ बदलेंगे नहीं, आने वाले भारत के विकास की धड़कन बन जाएंगे!

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