साधु की वेशभूषा, पर इरादे संदिग्ध — विदेश मंत्रालय से मिली पुष्टि, बांग्लादेश का निकला रहने वाला!
ओपनिंग
देहरादून की सड़कों पर भगवा वस्त्र पहने एक साधु घूम रहा था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि उसकी चुप निगाहों के पीछे एक बड़ी साजिश की कहानी छिपी है। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत पकड़ा गया रूकन रकम उर्फ शाह आलम बांग्लादेश का नागरिक निकला, जिसे अब डिपोर्ट करने की तैयारी है।
मुख्य खबर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चल रहे “ऑपरेशन कालनेमि” ने एक और चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।
11 जुलाई 2025 को सहसपुर पुलिस ने भगवा चोला ओढ़े रूकन रकम उर्फ शाह आलम को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुद को ढाका, बांग्लादेश का रहने वाला बताया। लेकिन उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
लोकल रंग
लोगों में खलबली मच गई। इलाके में फुसफुसाहट थी — “कहीं ये कोई जासूसी तो नहीं कर रहा था?”
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। विदेश मंत्रालय के जरिए बांग्लादेश सरकार से संपर्क किया गया।
“अब सच सामने आ गया है। आरोपी बांग्लादेश के जिला तंगेल का रहने वाला है,” पुलिस अधिकारी ने बताया।
वैधानिक कार्रवाई और सख्त संदेश
पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी को विदेशी अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा।
“कोई भी फर्जी साधु हमारे प्रदेश की जमीन पर छिप नहीं सकता,” – एक पुलिस अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा।
क्लोजिंग लाइन
देहरादून में भगवा कपड़ों की आड़ में छिपे इस राज ने साफ कर दिया है — अब कोई भी नकाबपोश सुरक्षित नहीं, क्योंकि “ऑपरेशन कालनेमि” की नजर हर कोने पर है!
