छात्रा को अगवा कर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को चार वर्ष की सजा

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रुद्रपुर। छात्रा को स्कूल छोड़ने की बात कहते हुए उसे अगवा कर जंगल में चाकू की नोक पर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को पॉक्सो न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने चार साल की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 21 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। जुर्माने की राशि में से 90 प्रतिशत पीडिता को मिलेगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि एक 15 वर्षीय छात्रा 19 अगस्त 2017 की सुबह स्कूल जा रही थी। रास्ते में कालीनगर माधोटांडा, थाना सितारगंज निवासी कय्यूम अहमद पुत्र मोहम्मद उमर मिला और कहा कि वह उसे स्कूल छोड़ देगा। उसकी बात पर विश्वास कर छात्रा उसके साथ बाइक पर बैठ गई। आरोप है कि कय्यूम उसे स्कूल न ले जाकर मैनाकोट जंगल में ले गया। जहां उसकी गर्दन पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया।
छात्रा के शोर मचाने पर लोग आ गए और आरोपित को दबोच लिया।

बाद में लोग छात्रा और आरोपित को लेकर माधोटांडा थाने पहुंचे और पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। सूचना पर छात्रा के स्वजन भी पहुंच गए और मुकदमा दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपित के खिलाफ पॉक्सो न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत में मुकदमा चला। एडीजीसी विकास गुप्ता ने 10 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। जिसके बाद न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने कय्यूम अहमद को दोषी करार देते हुए 8 पॉक्सो एक्ट के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 363 व 366 आईपीसी में 3-3 वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 506 आईपीसी में 1 वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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