उत्तरकाशी बफर ज़ोन में कूड़ा डंप – खतरे की घंटी बज चुकी है! -जनता का गुस्सा फूटा – 13 जून से विरोध का ऐलान

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🛑 नगर पालिका उत्तरकाशी का तुगलकी फरमान – आबादी से सिर्फ 20 मीटर दूर डंप हो रहा नगर का कूड़ा! 🛑
वरुणावत बफर ज़ोन में प्रशासन की लापरवाही, जनता में उबाल

उत्तरकाशी।
नगर पालिका उत्तरकाशी ने एक बार फिर ऐसा फैसला लिया है, जिसे देखकर स्थानीय लोग हतप्रभ हैं और पर्यावरणविद चिंतित। शहर के वरुणावत क्षेत्र, जो गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा है और वरुणावत त्रासदी के बाद बफर ज़ोन घोषित किया गया था, वहां अब नगर का कूड़ा डंप किया जा रहा है – वह भी आबादी से महज 20 मीटर की दूरी पर!

गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा 4 से 5 ट्रक कूड़ा यहां डंप किया गया। यह वही इलाका है जिसे भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील माना गया है। जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इस स्थान का उपयोग जल व मलवे के प्राकृतिक बहाव को रोकने के लिए किया जाएगा, जिससे गंगोत्री राजमार्ग और शहर को बचाया जा सके। करोड़ों रुपये खर्च कर यहां नालों का ट्रीटमेंट भी प्रस्तावित है – जो अब तक अधूरा है।

❌ इससे पहले भी उठे सवाल… लेकिन पालिका नहीं सुधरी!

यह कोई पहली बार नहीं है। इससे पूर्व नगर पालिका ने:

  • तांबा खानी सुरंग के पास कूड़ा डंप किया – जहाँ केवल छंटनी की बात कही गई थी। लेकिन शहरवासियों ने देखा कि वहाँ कूड़े के ढेर, बदबू और मक्खियों ने बाजार को परेशान कर दिया।
  • फिर उत्तरकाशी–केदारनाथ बाईपास मार्ग पर करोड़ों खर्च कर कूड़ा डंपिंग ज़ोन तैयार किया, लेकिन बाद में वहां भी डंपिंग पर रोक लगी।
  • मनेरी भाली फेस–2 पावर हाउस के पास भी यही दोहराया गया – पहले छंटनी की बात, फिर डंपिंग, फिर विरोध।

अब सवाल यह है कि जब दूरस्थ स्थानों पर भी विरोध और असहमति के चलते कूड़ा नहीं डंप किया गया, तो शहर से सटी, संवेदनशील बफर ज़ोन में डंपिंग कैसे जायज़ है?

🤔 क्या यह “हिट एंड ट्रायल” पॉलिसी है?

स्थानीय जनता का आरोप है कि नगर पालिका “देखते हैं क्या होता है” वाले अंदाज़ में हिट एंड ट्रायल नीति पर काम कर रही है – यदि जनता चुप रही तो कूड़ा वहीं डंप करना शुरू कर देंगे।
क्या यही है जिम्मेदार प्रशासन की पहचान?

📢 जनता का ऐलान – करेंगे विरोध, नहीं होने देंगे कूड़ा डंप!

उत्तरकाशी जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष बडोनी, जीतराम बद्री, प्रभात भद्री, राम भरोसा बद्री और रामानंद रतूड़ी ने स्पष्ट कहा है कि 13 जून से टैक्सी स्टैंड पर धरना प्रदर्शन शुरू होगा
उनका कहना है —

“न ही कानूनी रूप से, और न ही व्यावहारिक रूप से यह स्थान कूड़ा डंपिंग के लिए उपयुक्त है। यदि ज़रूरत पड़ी, तो चुने हुए प्रतिनिधियों का भी विरोध किया जाएगा – पीछे नहीं हटेंगे!”

उत्तरकाशी पालिका वार्ड पांच के सभासद महावीर रावत ने बताया कि वे विरोध प्रदर्शन में जनता के साथ बैठने को तैयार है.

🌍 सवाल बड़ा है – जवाबदेही कौन लेगा?

  • क्या पर्यावरणीय सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है?
  • क्या करोड़ों की लागत से बनाई गई योजनाएं सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं?
  • क्या जनता की सहमति के बिना लिए गए ये फैसले लोकतांत्रिक व्यवस्था का मज़ाक नहीं हैं?

Meru Raibar मांग करता है कि नगर पालिका इस तुगलकी आदेश को तत्काल वापस ले और जनता को विश्वास में लेकर स्थायी समाधान प्रस्तुत करे। वरना आने वाली पीढ़ियां न केवल इसकी कीमत चुकाएँगी, बल्कि सवाल भी पूछेंगी।


🖊️ रिपोर्ट: Meru Raibar संवाददाता | उत्तरकाशी
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