देहरादून। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, एवं वनाधिकार आन्दोलन के प्रणेता किशोर उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के नकदी फसलों को उगाने वाले खेतिहर किसानों से बातचीत की, जिसमें धारचूला से लेकर धारकोट (चम्बा), जोशीमठ से लेकर जौलीकोट के लोग शामिल थे।
फूलों की खेती करने वाला किसान तो बर्बाद हो गया है, फूलों का तो कोई खरीददार नहीं है। इस समय किसान की मटर की फसल तैयार है, खरीददार मिल नहीं रहा। स्थानीय खपत बहुत कम है। इस बेल्ट पर इस समय गोभी (फूल-पात) आदि नकदी फसलों की पौध तैय्यार की जाती है। किसानों को अच्छी क्वालीटि का बीज नहीं मिल रहा है। किसानों का कृषि, हॉर्टिकल्चर विभाग के बीज पर विश्वास नहीं है, जो कि चिंता का विषय है। सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करना चाहिए। मटर के विपणन की व्यवस्था करनी चाहिये और फूल की खेती करने वाले किसानों को क्षतिपूर्ति देनी चाहिये।