कुछ ही सेकंड में चीखों में बदल गई सड़कों की खामोशी… चार जिंदगियां झूल रही हैं मौत और जिंदगी के बीच!
उत्तरकाशी | 12 जुलाई 2025
देवीधर के शांत पहाड़ी रास्ते आज एक दिल दहला देने वाले हादसे के गवाह बने। नोलियासौड़ के पास एक सेंट्रो कार अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और भीतर बैठे चारों लोग लहूलुहान हालत में फंस गए।
डुंडा चौकी प्रभारी अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। बचाव दल को कार के दरवाजे तोड़ने पड़े, तब जाकर घायलों को बाहर निकाला जा सका। हर तरफ अफरा-तफरी मची थी — किसी के सिर से खून बह रहा था, कोई दर्द से कराह रहा था।
“कार की हालत देखकर लगता है जैसे मौत ने दस्तक दी थी… बस किस्मत थी जो सब जिंदा निकले,”
— एक चश्मदीद स्थानीय निवासी
108 एम्बुलेंस की सायरन गूंजते ही घायल व्यक्तियों को फौरन राजकीय चिकित्सालय डुंडा भेजा गया। लेकिन उनमें से गगन (28) पुत्र मोहन, निवासी बोन, उत्तरकाशी की हालत गंभीर होने के चलते तुरंत उत्तरकाशी रेफर किया गया। बाकी तीन का इलाज डुंडा अस्पताल में जारी है।
ये हैं घायल लोग:
✅ उत्तम (19) पुत्र सुंदरलाल, निवासी बोन, उत्तरकाशी
✅ आशीष भारती (30) पुत्र राकेश भारती, निवासी ब्याली, बड़कोट
✅ गगन (28) पुत्र मोहन, निवासी बोन, उत्तरकाशी (रेफर)
✅ कैलाश (30) पुत्र लक्ष्मण, निवासी जुंगा, धरासू
इलाके के लोगों का कहना है कि देवीधर की सड़कें कई जगह संकरी और खतरनाक हैं। हादसा तेज रफ्तार या अचानक मोड़ पर नियंत्रण खोने के कारण हुआ, इसकी जांच जारी है।
“हर साल यहां कोई न कोई हादसा होता है। सड़क सुधारो, वरना कब किसकी जिंदगी छिन जाए, कोई नहीं कह सकता।”
— स्थानीय ग्रामीण
अब सवाल यही है — क्या पहाड़ी सड़कें यूं ही जिंदगियां लीलती रहेंगी? या कोई कदम उठाया जाएगा?
हादसे के निशान मिट सकते हैं… पर जख्म और डर लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहते हैं।
