हर्षिल बना हिमालयी विरासत का नया ठिकाना!
अब मिलेगा ‘हाउस ऑफ हिमालया’ का प्रीमियम स्वाद – प्रधानमंत्री मोदी की पहल रंग लाई 🌿
🎁 उत्तराखंड के शुद्ध उत्पाद, अब सीधे हिमालय की गोद से आपके हाथों में!
📍हर्षिल में शुरू हुआ ‘हाउस ऑफ हिमालया’ का शानदार कियोस्क!
❄️ जहां बर्फ गिरती है, अब वहां बिकेगा ब्रांडेड शहद, जड़ी-बूटी और पहाड़ी स्वाद!
हिमालय की गोद में बसा हर्षिल, अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के प्रीमियम उत्पादों के ब्रांडिंग हब के रूप में भी जाना जाएगा।
‘हाउस ऑफ हिमालया’, जो कि गरामोथान परियोजना के तहत शुरू किया गया है, अब हर्षिल के स्नो पोड रिसॉर्ट में भी अपने उत्पादों का विपणन कर रहा है।

मोदी जी ने की थी ब्रांड लॉन्चिंग — अब हर पर्यटक ले जाएगा “हिमालय का उपहार”!
‘हाउस ऑफ हिमालया’ की शानदार शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
उत्पादों की उच्च गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और उत्तराखंड की पहचान से जुड़ी विश्वसनीयता ने इसे देखते ही देखते बाजार में हिट बना दिया।
🛍️ एयरपोर्ट से लेकर रिसॉर्ट तक – हर जगह ‘हिमालय’ की मौजूदगी!
देहरादून एयरपोर्ट, ताज होटल्स और बड़े मॉल्स में पहले ही इसके प्रीमियम कियोस्क स्थापित किए जा चुके हैं।
अब बारी है हर्षिल जैसे पर्यटन स्थलों की, जहां देश-विदेश से हजारों पर्यटक आते हैं।
गंगोत्री मार्ग का यह महत्वपूर्ण पड़ाव, अब सिर्फ धार्मिक नहीं, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बन रहा है।
🗣️ “हमें गर्व है कि हमारे उत्पाद अब हर्षिल में भी बिकेंगे”, स्थानीय किसान की आवाज़
“हमने वर्षों से शुद्ध शहद और जड़ी-बूटियां उगाईं, अब वो सीधे पर्यटकों तक पहुँच रही हैं।
हमारी मेहनत अब ब्रांड बन गई है।” — कमल सिंह रावत, कास्तकार, उत्तरकाशी
🌿 लोकल टू ग्लोबल: पहाड़ के किसान बनेंगे उद्यमी!
इस पहल से स्थानीय किसानों और महिला समूहों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा।
उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को अब मिलेगी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान।

🏔️ पर्यटन + उत्पाद = पहाड़ की आर्थिक क्रांति!
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही हर्षिल-मुकबा क्षेत्र का भ्रमण कर शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने का रोडमैप बना चुके हैं।
अब जब सालभर पर्यटक आएंगे, तो स्थानीय उत्पाद भी सालभर बिकेंगे।
🛎️ सोचिए – जब हर्षिल से खरीदा शहद दिल्ली के ड्राइंग रूम में सजेगा, तब कैसा लगेगा?
ये सिर्फ कारोबार नहीं, ये उत्तराखंड की आत्मा को बाजार तक ले जाने का यज्ञ है।
“हाउस ऑफ हिमालया” – अब सिर्फ एक नाम नहीं, उत्तराखंड की पहचान है।
