कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का दफ्तर कोटद्वार ले जाया गया तो कांग्रेस करेगी इसका कड़ा विरोधः धीरेंद्र प्रताप

Share Now

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है यदि उसने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के लैंसडाउन स्थित कार्यालय को अन्यत्र ले जाने की कोशिश की तो कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेगी। धीरेंद्र प्रताप ने एक बयान में कहा कि पहले ही उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र खाली होते जा रहे हैं और जिस तरह से यह प्रक्रिया गैरसैण से शुरू होकर गोपेश्वर और गोपेश्वर से पौड़ी और पौड़ी से लैंसडाउन तक लगातार जारी रखी जा रही है उससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार का ध्यान पर्वतीय अंचल के विकास पर नहीं है बल्कि वहां पर विकास का ब्लैकआउट करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यह लैंसडाउन के वर्तमान विधायक दिलीप सिंह रावत का भी कर्तव्य है कि वे अपने क्षेत्र में बने हुए सरकारी दफ्तरों को यहां से बाहर जाने का विरोध करें अन्यथा जनता तो उनको 2022 में सबक सिखाने के लिए तैयार ही बैठी है ।उन्होंने कहा इससे पहले विधायक दिलीप रावत की नालायकीघ् से  पीडब्ल्यूडी का जो दफ्तर अदाली खाल में हुआ करता था उसे उठाकर अन्यत्र ले गए जो वह भी एक फैसला तर्कसंगत नहीं था। इसका नतीजा यह निकला कि आज धुमाकोट तहसील क्षेत्र विनाश का एक केंद्र बनकर उभर गया है। वहां पर सड़कों की जो बेकद्री है उसका हाल बेहाल है। जिसके लिए दिलीप रावत को कभी क्षमा नहीं किया जा सकता। प्रताप ने ऐलान किया यदि लैंसडाउन से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का दफ्तर कोटद्वार ले जाया गया तो वे इसके  विरुद्ध अनशन करेंगे और आंदोलन करेंगे और अगर इसमें कोई घटना घटती है इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर होगी।

error: Content is protected !!