🔴 “जनता दरबार में उमड़ा जनसैलाब, ”
पानी–ज़मीन–मुआवज़े पर प्रशासन सख्त
नई टिहरी | सोमवार
टिहरी कलेक्ट्रेट के जनता दरबार में आज जनता की उम्मीदें और शिकायतें एक साथ टकराईं। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के सामने लोग अपने दर्द, हक़ और सवाल लेकर पहुंचे — और महज़ एक बैठक में 45 आवेदन पत्र दर्ज किए गए। पेयजल संकट से लेकर पुनर्वास, मुआवज़ा और सड़कों तक… हर मुद्दे पर प्रशासन को घेरा गया।

💧 “पानी नहीं, तो ज़िंदगी कैसे?” — गांव-गांव से उठी आवाज़
थौलधार के ग्राम रमोलसारी से पहुंचे कमल सिंह चौहान ने बताया कि गांव का पेयजल स्रोत स्लाइडिंग ज़ोन में चला गया है।
“पानी नीचे है, गांव ऊपर… महीनों से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।”
DM ने जल निगम चंबा को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
वहीं ग्राम कठुली के ग्रामीणों की शिकायत पर जल संस्थान टिहरी को भी तुरंत कार्रवाई का आदेश।
🏠 “पैसे जमा, ज़मीन नहीं!” — पुनर्वास पर बड़ा सवाल
ग्राम डिबनू के संजय, अमित और जयपाल चौहान ने चौंकाने वाली बात रखी —
“200-200 वर्गमीटर के भूखंड आवंटित हैं, पैसा भी सरकारी खजाने में जमा है… फिर भी आज तक कब्जा नहीं!”
मामले की गंभीरता देखते हुए DM ने प्रभारी अधिकारी पुनर्वास को तत्काल कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
🌾 मुआवज़े और अधिग्रहण पर प्रशासन की सख्ती
- जाखणीधार (खिटबड़ी) के बद्री प्रसाद मिश्र ने सड़क कटान में अधिग्रहित खेतों का मुआवज़ा मांगा।
- कैम्प्टी फॉल के अभिषेक रावत ने लखवाड़ बांध परियोजना में अधिग्रहित भूमि के प्रतिकर की मांग रखी।
इन मामलों में DM ने SLO को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए।
🛣️ सड़क, सिंचाई और मकान — गांवों की बुनियादी पुकार
- प्रतापनगर के रमेश चंद्र राणा ने बरसात में क्षतिग्रस्त सिंचाई गूलों को दैवी आपदा मद से ठीक कराने की मांग की।
- दड़क जौनपुर के ग्रामीणों ने PMGSY सड़क निर्माण में देरी पर नाराज़गी जताई।
- थौलधार (मरोड़ा) के इंद्रदत्त रतूड़ी ने लीज की जमीन पर मकान बनाने की अनुमति मांगी।
हर मामले में DM ने संबंधित विभागों को स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
🏛️ अधिकारी रहे मौजूद
जनता दरबार में CDO वरुणा अग्रवाल, SDM प्रतापनगर स्नेहिल, CO ओशिन जोशी, SDM टिहरी संदीप कुमार सहित कई अधिकारी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।
🔥 आख़िरी बात
जनता दरबार सिर्फ़ औपचारिकता नहीं —
यह प्रशासन की परीक्षा है और जनता की उम्मीद।
अब देखना ये है कि
आज सुनी गई 45 आवाज़ें ज़मीन पर कब उतरती हैं?
