Kotdwar – खेत में बकरियां चरा रही लता को गुलदार ने बनाया शिकार — गांव में दहशत, हर आंख नम

Share Now

पौड़ी गढ़वाल का हलसी गांव मातम में डूबा, झाड़ियों में छिपे खूंखार गुलदार ने ली एक और जान



“बस एक पल की देर थी… और झाड़ियों से निकले खूनी पंजों ने मां, पत्नी और बेटी लता देवी की ज़िंदगी का आखिरी अध्याय लिख दिया। पौड़ी के शांत पहाड़ आज एक दर्दनाक चीख से कांप उठे हैं।”


📍 घटना की पूरी कहानी — खेत, चीखें और मौत की खामोशी

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के द्वारीखाल ब्लॉक के हलसी गांव में रविवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना घटी।
34 वर्षीय लता देवी, जो अपने घर के पास खेत में बकरियां चरा रही थीं, अचानक एक झाड़ी में घात लगाए बैठे गुलदार का शिकार बन गईं।

गांव के पूर्व प्रधान ने बताया,

गुलदार जैसे अचानक झाड़ी से निकला और सीधे लता पर टूट पड़ा। उनके चीखने की आवाज़ इतनी तीव्र थी कि गांव गूंज उठा… लेकिन जब तक हम दौड़ते हुए पहुंचे, सब कुछ खत्म हो चुका था।


🩸 गहरे ज़ख्म, टूटी सांसें — आंखों के सामने गई जान

जब परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, लता देवी की गर्दन पर गहरे नुकीले पंजों के निशान थे।
उनकी आंखें खुली थीं, मानो आखिरी बार अपनों को देखना चाहती हों… मगर गुलदार की दरिंदगी ने कुछ नहीं छोड़ा।


🧭 प्रशासन और वन विभाग मौके पर, गांवों में सन्नाटा

जैसे ही घटना की खबर फैली, कानूनगो राकेश डबराल, पटवारी कांता प्रसाद, लैंसडौन डीएफओ आकाश गंगवार, और दुगड्डा के रेंजर उमेश जोशी अपनी टीमों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुए।

डीएफओ गंगवार ने पुष्टि की,

यह हमला निश्चित रूप से गुलदार का है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, और गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।


😨 डर की चादर में लिपटा गढ़वाल — हर कोई सहमा हुआ है

घटना के बाद जवाड़, बिस्ताना, कांडाखाल, पल्ला, दीवा और आसपास के कई गांवों में खौफ का माहौल है।
माएं अब बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेज रहीं। खेतों में सन्नाटा पसरा है।

ग्रामवासिनी सीता देवी ने रोते हुए कहा,

कल तक जिस खेत में लता दीदी बकरियां चरा रही थीं, आज वहां बस खून के धब्बे और बिखरे कपड़े हैं। कोई कैसे चैन से सोए?


🌲 क्या पहाड़ अब सुरक्षित नहीं रहे?

उत्तराखंड में इंसान और जंगली जानवरों के टकराव की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
क्या यह सिर्फ जंगल में आबादी घुसने का मामला है या फिर वन्यजीवों की बढ़ती भूख?


**🕯️ अंतिम शब्द — पहाड़ों की ये चीखें कब तक अनसुनी रहेंगी? **

लता देवी अब नहीं रहीं, लेकिन उनके पीछे रह गया है एक टूटा हुआ परिवार, डरे हुए गांव और एक सवाल —

“कब तक पहाड़ की बेटियां, मांएं और बहनें गुलदारों का निवाला बनती रहेंगी?”

👉 Meru Raibar News आपसे अपील करता है:
🙏 सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और प्रशासन से मांग करें कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पर ठोस कदम उठाए जाएं।
यह सिर्फ एक खबर नहीं — यह पहाड़ की पीड़ा है।


📌 #Kotdwar #PauriGarhwal #LeopardAttack #UttarakhandNews #JungleTerror #LataDevi #BreakingNews #MeruRaibarNews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!