उत्तराखंड में पंचायत चुनाव स्थगित! हाईकोर्ट का फैसला बना तमाचा, सवालों के घेरे में सरकार

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🛑 “अबकी बार… कब होगा चुनाव मेरे यार?”


आचार संहिता लागू, पर्यवेक्षक घूम रहे मैदान में, पर चुनाव अधर में! आरक्षण की गुत्थी ने खोली सरकारी तैयारी की पोल!


✍️ शुरुआत वहां से जहां सब रुक गया…

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव को लेकर वो हो गया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी—आचार संहिता लागू होने के बाद ही हाई कोर्ट ने आरक्षण की अनिश्चितता को आधार बनाकर चुनाव पर रोक लगा दी!

क्या आपने कभी सुना है कि चुनावी बिगुल बज चुका हो, मैदान सज चुका हो, और उसी वक्त कहा जाए—“रुको, अब नहीं होगा!”


😠 कब होगी वोटिंग मेरे यार?

चुनाव को लेकर लोगों में ग़ुस्सा है, भ्रम है, और सबसे ज़्यादा—निराशा।
“एक साल से ऊपर हो गया, प्रशासक पर प्रशासक बैठा दिए गए, पर आरक्षण लागू कैसे होगा—ये तय नहीं कर पाए?”
यही नहीं, दो-दो चरणों में पंचायत चुनाव कराने की योजना बनाकर “एक देश एक चुनाव” के नारे को खुद सरकार ने ही झुठला दिया।


🧑‍⚖️ कानूनी सलाहकार कहां हैं?

उत्तराखंड शासन में बैठे ‘बड़े-बड़े विधिक सलाहकार’ अब कठघरे में हैं।
“क्या ये अफसर सिर्फ कुर्सी सेंकने के लिए बैठे हैं?”
“किस बोर्ड की डिग्रियाँ हैं इनके पास, जो इतना सीधा-सा मामला भी हल नहीं कर पा रहे?”
लोग पूछ रहे हैं — “क्या ये सब कोई अंदरूनी खेल है?”


🎙️ स्थानीय गुस्सा: “हमारे शहीदों के खून से बने इस राज्य के साथ खिलवाड़!”

एक बुजुर्ग स्वतंत्रता सेनानी के बेटे ने गुस्से में कहा:
“ये वो राज्य है जो शहीदों के खून से बना है। कम से कम इस लोकतंत्र का तो मज़ाक मत उड़ाओ!”


🔥 काउंटडाउन शुरू हो चुका है!

सरकार की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
रिटायर हो चुके अधिकारियों को दोबारा कुर्सी पर बैठाना, नकारा लोगों को मलाईदार पोस्ट देना—अगर यही नतीजा देना है, तो तय मानिए कि अब कई चेहरों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।


👣 प्रभारी घूम रहे, पर पथ नहीं तय

उधर पर्यवेक्षक और प्रभारी अधिकारी जिलों में घूम रहे हैं, सभाएं कर रहे हैं—पर जिस चुनाव की तैयारी कर रहे थे, वो तो टल गया!
ये भ्रम का राज्य बन गया है—कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।


📢 अंत में बस एक सवाल…

जब लोकतंत्र की सबसे बुनियादी प्रक्रिया—चुनाव—ही संदेह के घेरे में आ जाए,
जब शासन की तैयारी अदालत की पहली परीक्षा में फेल हो जाए,
तो क्या ये वक्त नहीं है कि पूरे सिस्टम की समीक्षा की जाए?

👉 “उत्तराखंड के मतदाता पूछ रहे हैं — अबकी बार… कब होगा चुनाव मेरे यार?”


✍️ रिपोर्टिंग: Meru Raibar News, Dehradun

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