🚨 कालसी की पहाड़ियों में आज क़यामत उतर आई…
26 जून 2025 की सुबह, जैसे ही धूप ने पहाड़ों को छुआ — एक भीषण चीख़ गूंज उठी। देहरादून के थाना कालसी क्षेत्र में जज रेट के पास एक कार लगभग 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें सवार चार में से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक ज़िंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
🚓 रेस्क्यू में जुटी SDRF और पुलिस, दर्द से कांप उठा पहाड़
जैसे ही कंट्रोल रूम से थाना कालसी को सूचना मिली, पुलिस बल और SDRF की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। खाई में फ्रॉनक्स सिग्मा कार (UK07 FC 8467) के परखच्चे उड़ चुके थे। वहां हर तरफ सन्नाटा था, लेकिन उसी सन्नाटे में किसी की टूटती सांसों की आवाज़ अब भी मदद मांग रही थी…
⚰️ तीन की मौत, एक जिंदा लेकिन गंभीर हालत में
हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल युवक का नाम है:
🧑🦱 मयंक चौहान, पुत्र चमन चौहान, निवासी मटियावा, तहसील चकराता, देहरादून।
उसे खाई से बाहर निकालकर विकासनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतकों की पहचान हुई:
1️⃣ मुकेश राणा, निवासी कोटी कनासर, चकराता, देहरादून
2️⃣ प्रियांशु चौहान, पुत्र जयप्रकाश चौहान, निवासी जगतपुर खादर, किलवाड़ी, सहसपुर, देहरादून
3️⃣ तीसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
🧳 आख़िर कौन था तीसरा युवक?
पुलिस ने बताया कि एक शव की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। SDRF टीम शवों को खाई से निकालने में जुटी है, वहीं इलाके के ग्रामीण भी मौके पर जमा हैं। आंखों में आंसू और दिल में दहशत है।
“ऐसे हादसे दिल दहला देते हैं, बस एक झलक में सब कुछ खत्म हो जाता है…”
— स्थानीय निवासी, रमेश रावत
⚠️ कब थमेगा पहाड़ी मौत का सफ़र?
यह कोई पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड की खतरनाक सड़कों पर ज़िंदगी हार गई हो। हर साल सैकड़ों हादसे, दर्जनों जानें… कब मिलेगा इन सड़कों को सुरक्षा का कवच?
💔 एक पहाड़, तीन शव, एक आखिरी सांस…
आज फिर पहाड़ खामोश है, देवभूमि के जंगलों में एक बार फिर मातम पसरा है।
सवाल उठता है – क्या पहाड़ की सड़कों पर चलना अब भी सुरक्षित है?
या अगला मोड़… अगला हादसा… अगली जान…?
🕯️ मरने वालों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि… और घायल के लिए दुआ कीजिए।
आपके पास हो कोई जानकारी या हादसे से जुड़ी गवाही? नीचे कमेंट करें या हमें भेजें। आपकी बात ज़रूरी है!
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