शराब दुकानें होंगी शिफ्ट – सुरक्षित सड़कों के लिए प्रशासन का कड़ा एक्शन

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“मुख्यमंत्री का संकल्प, जनसुरक्षा सर्वोपरि: सड़क सुरक्षा के लिए शराब की दुकानों पर चला प्रशासन का डंडा”
Meru Raibar News | 20 मई 2025 | विशेष संवाददाता, देहरादून

देहरादून:
राजधानी की सड़कों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के संकल्प को ज़मीन पर उतारते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति ने राजधानी में ट्रैफिक बाधक बनी 06 देशी-विदेशी मदिरा दुकानों को हटाने का आदेश जारी कर दिया है।

🚫 एक सप्ताह का अल्टीमेटम, नहीं तो रद्द होगा लाइसेंस

सनपार्क इन चौक, चूना भट्टा, बिंदाल तिराहा और रोजगार तिराहा जैसे अति संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स पर संचालित ये शराब दुकानें न केवल यातायात को बाधित कर रही थीं, बल्कि सड़क हादसों में भी प्रमुख कारण मानी जा रही थीं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर दुकानें नहीं हटाईं गईं तो संबंधित लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

🛣️ जन सुरक्षा से नहीं होगा कोई समझौता

“सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है। सड़कों पर किसी भी प्रकार का अवरोध, चाहे वह भौतिक हो या सामाजिक, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” – सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून।

इससे पहले 27 मार्च को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने इन दुकानों को ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का मुख्य कारण बताते हुए इन्हें हटाने की सिफारिश की थी, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी।

🚦 सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक मोर्चा

सिर्फ शराब की दुकानें ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन राजधानी में सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक योजना पर कार्य कर रहा है।
अब तक:

  • 23 स्थानों से विद्युत पोल शिफ्ट किए जा चुके हैं
  • 16 लोकेशनों से दुकानें विस्थापित
  • 10 स्थानों से पुलिस बूथ स्थानांतरित
  • जाखन संचार कट और 6 नंबर पुलिया में सर्विस लेन का कार्य प्रगति पर
  • ट्रैफिक लाइट, डिवाइडर, स्पीड ब्रेकर, कैमरा इंटीग्रेशन का कार्य तेज़ी से जारी

⚖️ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, जनता के हित में निर्णायक कदम

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित सड़क सुरक्षा समिति को जिले स्तर पर व्यापक अधिकार प्राप्त हैं। और अब यह समिति जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चुन-चुन कर दुर्घटना के कारकों को चिन्हित कर उनका सफाया कर रही है।

जनआक्रोश व सामाजिक दृष्टिकोण को मिली मान्यता

राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जहां भी शराब की दुकानें स्थानीय विरोध, कानून-व्यवस्था और जन भावनाओं को आहत करती हों, वहां जिलाधिकारी अपने विवेक से निर्णय ले सकते हैं।
देहरादून में यह निर्णय उसी सामाजिक ज़िम्मेदारी का हिस्सा है।


🛑 Meru Raibar की ओर से जनहित में अपील:
“सड़कें सभी की हैं। सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। प्रशासन का यह प्रयास केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन बचाने की मुहिम है – आइए हम सब इसमें भागीदार बनें।”

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