एसडीआरएफ की टीम कर रही लगातार तलाश, सचिन के बंगलूरू से लौटने पर गांव में था खुशी का माहौल — अब पसरा सन्नाटा
🔴 ओपनिंग
टिहरी की शांत वादियां मंगलवार को अचानक चीखों और सिसकियों से गूंज उठीं, जब छुट्टियां बिताने गांव लौटा 25 वर्षीय सचिन रावत भिलंगना नदी की तेज धार में बह गया। गांव में खुशी का जो माहौल था, वो कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।

🟠 घटना विस्तार:
चांजी मल्ली गांव के रहने वाले सचिन रावत मंगलवार दोपहर अपने दो दोस्तों के साथ सेमली बैंड के पास भिलंगना नदी में नहाने गया था। सबकुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक सचिन का पैर फिसला और वो पानी की खतरनाक लहरों में गुम हो गया।
🟡 प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी:
सचिन के दोस्त, जो हादसे के वक्त वहीं मौजूद थे, ने बताया —
“हमने हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पानी बहुत तेज था। सचिन पलक झपकते ही बह गया।”
🟢 गांव में मातम:
जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुंची, सचिन के घर पर कोहराम मच गया। सचिन की मां बेसुध हैं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्ग आंसू पोंछते हुए कहते हैं —
“बच्चा घर आया था, सोचा था सब खुशियां मनाएंगे… किसे पता था ये दिन देखना पड़ेगा।”
🔵 तलाश जारी:
थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। फिलहाल सचिन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। बुधवार को फिर सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
🟣 सचिन का जीवन:
बताया जा रहा है कि सचिन बंगलूरू के एक होटल में काम करता था और कुछ दिनों पहले ही छुट्टी लेकर गांव आया था। परिवार और दोस्तों के बीच खुशियां बांटने आया सचिन, आज लहरों की आगोश में खो गया है।
⚫ समापन
भिलंगना की उफनती लहरें आज एक मां की ममता, पिता की उम्मीद और दोस्तों की हंसी अपने साथ बहा ले गईं। सचिन को वापस लाने की आस अब भी बाकी है… और टिहरी की वादियां आज बस एक ही सवाल पूछ रही हैं — “क्या सचिन लौटेगा?”
