नमामि गंगे को चार करोड़ का तड़का।
मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को कौन लगा रहा पलीता
गिरीश गैरोला
नमामि गंगे योजना में घाट निर्माण में घटिया निर्माण का विरोध होने के बाद ठेकेदार द्वारा जानबूझ कर कार्य मे सुस्ती बरती गई और वर्षा काल मे जल नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद पूरी नींव में पानी भर गया है जिसको लेकर स्थानीय लोगो मे गुस्सा है।
पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे के अंतर्गत गंगा किनारे बन रहे घाटों की सुस्त चाल और घटिया गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे है।
बीजेपी नेता लोकेंद्र बिष्ट ने बताया कि उत्तरकाशी में गंगीत्री राजमार्ग पर नाकुरी के पास नागेस्वर धाम में निर्माणाधीन घाट में घटिया गुणवत्ता से कार्य हो रहा है। धाम में तीर्थ यात्रियों को निशुल्क रहने और खाने की व्यवस्था की जाती है इससे पूर्व आपदा में नागेस्वर धाम का बड़ा हिस्सा भी आपदा की भेंट चढ़ गया था। घटिया निर्माण से एक बार फिर धाम को खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने बताया कि चार करोड़ की लागत से बनने वाले इस घाट को भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाया जा रहा है।
ठेकेदार द्वारा घटिया गुणवत्ता के कार्य का स्थानीय लोगो द्वारा विरोध किये जाने के बाद ठेकेदार ने कार्य मे जानबूझ कर सुस्ती दिखाई । समय पर काम सुरु नही होने के चलते अब वर्षा काल सुरु हो गया और नदी का जल स्तर बढ़ने से घाट ने निर्माण स्थल पर पानी भर गया है। जिस कारण अब निर्माण नही हो सकता है और समय पर घाट निर्माण भी संभव नही है।



