🛣️ “घनसाली की सड़क बना हादसों का न्यौता! करोड़ों के बजट के बाद भी घटिया निर्माण, आरटीओ पास तक नहीं!”
टिहरी, भिलंगना ब्लॉक:
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी देश की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर टिहरी जिले के घनसाली तहसील में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पिलखी गढ़माणा से द्वारी तक बनाई जा रही सड़क न सिर्फ घटिया गुणवत्ता का उदाहरण बन चुकी है, बल्कि विभागीय लापरवाही का खुला खेल भी उजागर कर रही है।

जहाँ एक ओर राज्य सरकार और जिला प्रशासन हर बरसात से पहले सड़कों और नालियों की मरम्मत के बड़े-बड़े दावे करते हैं, वहीं इस सड़क की हालत देखकर लगता है जैसे कोई हादसे का इंतजार कर रहा हो। ना चौड़ाई मानकों के अनुसार है, ना ड्रेनेज सिस्टम काम कर रहा है, और ना ही लैंडस्लाइड से आई मलबे की सफाई की गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सड़क आज तक आरटीओ से पास नहीं हो सकी है। जब तक एआरटीओ, पीएमजीएसवाई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर सत्यापन न करे, तब तक सड़क पर कोई नियमित परिवहन सेवा शुरू नहीं हो सकती। और इस सड़क को देखकर लगता है कि वो दिन अभी बहुत दूर है।

🔍 बड़ा सवाल – पैसा गया कहां?
जब योजना का पूरा बजट पहले ही जारी हो चुका है, ठेकेदार राज्य स्तर से चुना गया है और योजना केंद्र सरकार की है, तो आखिर सड़क की यह दुर्दशा क्यों?
पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता श्री बडोनी का बयान और भी चौंकाने वाला है। उन्होंने दूरभाष पर कहा कि “विभाग में बजट की कमी है।”
अब सवाल यह है – अगर बजट की पहले ही व्यवस्था हो चुकी थी तो वह खर्च कहां हुआ?
क्या यह सिर्फ खानापूर्ति थी? या फिर पैसे और जिम्मेदारियों के बीच खेल कोई और है?
🏗️ लोक निर्माण विभाग भी पीछे हटता दिखा
PWD घनसाली के अधिशासी अभियंता दिनेश नौटियाल ने माना कि सड़क को लोक निर्माण विभाग को ट्रांसफर नहीं किया गया है क्योंकि यह अभी भी मानकों पर खरी नहीं उतर रही।
उन्होंने कहा, PWD में “बजट की हमेशा कमी रहती है और जनता का दबाव भी बहुत रहता है, इसलिए जब तक सड़क ठीक नहीं होती, विभाग उसे अपने अधीन नहीं ले सकता।”
🚧 नतीजा – जनता भुगत रही है
इस सड़क पर ना बस चल सकती है, ना एम्बुलेंस और ना ही किसी आपात स्थिति में त्वरित राहत मिल सकती है। बरसात सिर पर है और सड़क हादसे की आशंका मंडराने लगी है। ऐसे में विभाग किसका इंतजार कर रहा है – मौत का?

👉🏼 अब जनता पूछ रही है –
- जब पूरा बजट जारी हो गया था तो सड़क अधूरी और घटिया क्यों बनी?
- अगर ठेकेदार बड़ा और अनुभवी था, तो ये लापरवाही किसकी है?
- क्या जांच होगी या ये मामला भी “फाइलों में बंद” हो जाएगा?
- स्थानीय निवासी विकास गैरोला, दिनेश गैरोला और विजय राम गैरोला ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार विभाग को जानकारी दी गई है किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई
📌मेरु रैबार मांग करता है –
इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
क्योंकि ये सिर्फ एक सड़क नहीं, जनता की सुरक्षा, सरकार की जवाबदेही और सिस्टम की साख का सवाल है।
रिपोर्ट: मेरु रैबार टीम | स्थान: घनसाली टिहरी
