रुद्रप्रयाग पहुंचे नवनियुक्त डीएम, बाबा केदार की शरण में जाकर की पैदल यात्रा — आम श्रद्धालुओं से सीधा संवाद, व्यवस्थाओं की हकीकत को देखा आंखों से

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“DM प्रतीक जैन ने केदारनाथ की ठंडी हवाओं में गर्मजोशी से भरा प्रशासनिक संकल्प लिया”


🚨 रुद्रप्रयाग, 21 जून 2025
ये सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था… ये थी जमीनी हकीकत को जानने की एक ईमानदार कोशिश!

नवनियुक्त जिलाधिकारी श्री प्रतीक जैन, जिन्होंने 20 जून 2025 को रुद्रप्रयाग के डीएम का कार्यभार संभाला, ने अगले ही दिन कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे पूरे जिले में हलचल मच गई।

सुबह की पहली रोशनी के साथ, वे आम श्रद्धालुओं की तरह गौरीकुंड से केदारनाथ की कठिन यात्रा पर निकल पड़े — ना कोई तामझाम, ना कोई विशेष लाव-लश्कर। बस प्रशासनिक जिम्मेदारी की सच्ची नीयत और जनता की समस्याएं जानने की सच्ची चाह!


बाबा केदार की शरण में पहला कदम — सेवा का संकल्प!

“यह यात्रा सिर्फ आस्था नहीं, जवाबदेही का रास्ता है,” — श्री प्रतीक जैन, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग

35 किलोमीटर के पैदल सफर में उन्होंने न सिर्फ स्वयं यात्रा की कठिनाई महसूस की, बल्कि रास्ते में रुकते हुए आम यात्रियों से बात की, उनकी परेशानियों को सुना और हर सुझाव को नोट किया।


हर पड़ाव पर निरीक्षण — और एक सख्त संदेश

🚿 जल मशीनों की स्थिति
🏥 चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन प्रबंध
🛏️ श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थलों की हालत
🚨 एसडीआरएफ की तत्परता और जवाबदेही
🧼 सफाई व्यवस्था और बेसिक हाइजीन

श्री जैन ने साफ कहा —

“श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। सुधार अब सिर्फ कागज़ों में नहीं, धरातल पर दिखने चाहिए।”


स्थानीय लोगों ने कहा — “ऐसा डीएम पहले नहीं देखा!”

बाबा केदार की घाटी में ठंडी हवाओं के बीच जब डीएम साहब आम श्रद्धालुओं के साथ बातचीत कर रहे थे, कई बुजुर्ग यात्रियों की आंखों में भावुकता तैर गई।

“सर, आपने दिल जीत लिया। अफसर ऐसे हों तो कोई डर नहीं लगता,” — गुजरात से आए एक यात्री की प्रतिक्रिया


🛑 अंत में एक सवाल — क्या यही नया प्रशासनिक मॉडल बनेगा उत्तराखंड की पहचान?

जमीन पर उतर कर काम करना, लोगों से जुड़ना, और खुद हालात महसूस करना — अगर यही प्रशासनिक सोच बन जाए, तो उत्तराखंड में न केवल व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

बाबा केदार की शरण में लिए गए ये कदम, आने वाले बदलाव की आहट हैं। क्या अब प्रशासन सिर्फ आदेश नहीं, अनुभव से चलेगा?

📌 अब जनता देख रही है — वादे नहीं, काम चाहिए!
और प्रतीक जैन का ये कदम — एक उम्मीद की शुरुआत हो सकता है।


🕉️ केदारनाथ की पावन वादियों में उठी ये प्रशासनिक लहर, अब कितनी दूर जाएगी — Meru Raibar News पर जुड़ें रहें, हर अपडेट के लिए!

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