“26 जुलाई तक मौका, वरना बढ़ जाएगा झंझट और खर्च!”
उत्तरकाशी।
“शादी सिर्फ सात फेरे नहीं… अब दस्तावेज़ों में भी दर्ज होगी आपकी मोहब्बत!” — ये कहना है जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का, जिन्होंने जिले के अफसरों को सख़्त आदेश दिए हैं कि हर शादी का पंजीकरण अब यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) पोर्टल पर अनिवार्य है।
गाँव-गाँव पहुंचेगी टीम, घर-घर होगी दस्तक
डीएम ने कहा कि 26 मार्च 2010 के बाद शादी करने वाला कोई भी दंपति पंजीकरण से ना छूटे। इसके लिए ज़िले में नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, सब रजिस्ट्रार, पटवारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों की टीमें बना दी गई हैं, जो वार्ड से लेकर गांव-गांव तक जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।
“अब रिश्ते छुपाए नहीं जाएंगे, कागज़ पर दर्ज होंगे… ताकि हक और हिफाज़त दोनो मिल सकें।”
— प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी
शादी के कागज अब सस्ता सौदा!
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार ने 26 जुलाई, 2025 तक पंजीकरण पर फीस में राहत दी है।
- सीएससी सेंटर पर सिर्फ 50 रुपए में होगा रजिस्ट्रेशन।
- उसके बाद खर्च और झंझट दोनों बढ़ सकते हैं।
UCC की लहर — अधिकारों की सुरक्षा या नई मुश्किल?
कुछ लोग इसे अधिकारों की सुरक्षा बता रहे हैं, तो कुछ इसे सरकारी दखल। लेकिन जिलाधिकारी का साफ कहना है —
“ये कदम महिलाओं के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक विवादों को रोकने के लिए ज़रूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन शादी की कोई कानूनी गारंटी नहीं होगी।”
छूट का फायदा उठाओ… कल पछताना मत!
पिछले दिनों जिले में कई दंपति पंजीकरण के लिए पहुंच भी रहे हैं। पटवारी राजेश चौहान ने बताया —
“लोग पहले डरते थे, लेकिन अब समझ रहे हैं कि ये उनके ही हक में है।”
ग्राम विकास अधिकारी रीता देवी बोलीं —
“लोगों के मन में भ्रम है कि पंजीकरण से टैक्स या जुर्माना लगेगा। पर सच ये है कि इससे अधिकार और सम्मान सुरक्षित होगा।”
“शादी की तस्वीरें तो सबके फोन में होती हैं… लेकिन असली सबूत वो कागज़ है, जो कोर्ट में भी आपका साथ देगा। सोच लो — प्यार को कानून की छतरी चाहिए या नहीं?”
