पौड़ी : नगरो की बेबसी देख गाव पहुची महिला – 10 घंटे तक लावारिश पड़ा रहा शव

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महामारी  के सामने मावनता ने टेक दिए घुटने

संभावित कोविड संक्रमण के खौफ  से गाव कि गली में बेसुध पड़ी महिला को  ग्रामीणों ने  पूछा तक नहीं क्या हुआ?

कोरोना संक्रमण में जो जहा है वही रुके यहाँ सन्देश बराबर सरकार की  तरफ से प्रसारित किया जा रहा है | हमेशा नगरो की  आधुनिक चकाचौंध  और मेडिकल फेसिलिटी को कोरोना के सामने बेबस पाते देख एक बुजुर्ग दम्पति को अपने मूल गाव की  याद आयी और वर्षो पुरानी  संस्कृतिऔर  परम्पराओ को याद करते हुए वे गाव लौट आये,  इस उम्मीद के साथ कि देर से ही सही उन्हें गाव ने वापस तो बुलाया, बुजुर्ग दंपत्ति भूल गए कि इन 20 – 30 वर्षो में गंगा में काफी पानी बह चूका है और गाव और उसकी परम्पराए भी बददल चुकी है | महानगरो में स्वास्थ्य सुविधाओ की  कोरोना पर जिस बेबसी को देख और सुनकर बुजुर्ग दम्पती गाव की  तरफ दौड़े थे उन्हें क्या पता था कि गाव में कोरोना के चलते परिवर्तन की  बयार आ चुकी है | गाव की  जिस गली से उनकी यादे जुडु हुई थी उन्ही पर दम तोड़ते समय कोई उनके हाल तक  पूछने तक पास नहीं आया – ये तक नहीं पूछा कि आखिर हुआ क्या है |   

कोविड महामारी के समाने मानवता कितनी लाचार होकर हार मान चुकी है। लाचार व बेबस मानवता का जीता जागता उदाहरण खिर्सू विकासखंड की कोल्ठा ग्राम पंचायत के भैंसकोट गांव में देखने को मिला। यहां एक बुजुर्ग महिला का शव करीब 10 घंटे गांव के मुख्य मार्ग पर पड़ा रहा। लेकिन न तो प्रशासन और न ही ग्रामीणों ने शव को उठा अंतिम संस्कार के ल‌िए ले जाने की जहमत उठाई। प्रशासन ने गांव में 7 पीपीई किट फैंक कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा। बीती देर शाम करीब 6 बजे परिजनों व गांव के कुछ ग्रामीण शव उठाने को तैयार हुए। वहीं एसडीएम श्रीनगर ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई थी। यद‌ि टीम द्वारा किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई है तो कार्यवाही की जाएगी।

विकासखंड खिर्सू की ग्राम पंचायत कोल्ठा के भैंसकोट गांव में एक बुजु्र्ग दंपति कुछ दिन पूर्व देहरादून से गांव लौटे थे। कल बुजुर्ग दंपति की अचनाक तबियत खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक पहुंचती इससे पूर्व बुजुर्ग महिला की गांव के रास्ते में ही मौत हो गई। ज‌बकि बुजुर्ग को स्वास्थ्य विभाग की टीम उपचार के ल‌िए मेडिकल कालेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में ले आई। बुजुर्ग दंपति के कोरोना संक्रमित होने की संभावना ‌को देखते हुए गांव का कोई भी व्यक्ति महिला के शव के नजदीक नहीं आया। गांव के मुख्य रास्ते में महिला का शव पड़े होने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। वहीं मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों ने घटना की जानकारीस्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को भी दी। ग्रामीण प्रमोद स‌िंह ने बताया कि सूचना पर गांव के समीप एक एंबुलेंस आई लेकिन शव को लेजाने के बजाय एंबुलेंस खाली ही वापस लौट गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव में कुछ पीपीई किट फैंक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया। कल शाम 6 बजे तक रास्ते में ही पड़ा रहा। बाद में परिजनों व ग्रामीणों ने ही शव को उठाने का निर्णय लिया। ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि अब ग्रामीण और परिजन ही शव को उठाकर अंतिम संस्कार के ल‌िए ले जांएगे। वहीं एसडीएम श्रीनगर रविंद्र बिष्ट ने कहा कि जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। यदि मामले मे कोई लापरवाही बरती गई होगी तो कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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