पिथौरागढ़ : बोर्डर के अन्तिम गांव गुंजी मे हलचल – नेपाल बार्डर पर काली नदी के पास शिव महोत्सव

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उत्तराखंड सरकार ‌की नयी  पहल‌ |भारत – चीन  बोर्डर  के अन्तिम  गांव गुंजी में होगा  शिवमहोत्सव |

महोत्सव मे साहसिक पर्यटन को मोलेगा बढ़ावा।

नदीम परवेज़ धारचूला पिथोरागढ़

उत्तराखंड को देव भूमि के नाम से जाना जाता है और देश विदेश से आस्था के साथ यात्री और पर्यटक उत्तराखंड देव भूमि में दर्शन के लिए आते हैं | इसी कड़ी मे एक और कदम बढ़ाते हुए उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने एक नयी पहल सुरू की है |  जनपद पिथौरागढ़ के डीएम डॉ आशीष चौहान  ने  गूंजी में शिव महोत्सव कराने का निर्णय लिया है |

यह वही स्थान है जहा कुछ समय पहले नेपाल व भारत का काला पानी विवाद चर्चा मे आया था और मीडिया की सुर्ख़ियो मे कई दिनो तक छाया रहा था | यहां कि प्रकर्तिक खूबसूरती किसी स्वर्ग से कम नहीं है |  जिला अधिकारी द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता को साथ लेकर इस आदिदेव भगवान शिव   के पावन स्थल पर शिव महोत्सव कराने का निर्णय लिया गया है ताकि इस स्थान की   छुपी हुई प्रकरतिक सुंदरता पूरे विश्व पटल पर आ सके और गुंजी  में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके |

स्थानीय विधायक हरीश धामी ने भी जिला अधिकारी की  इस पहल को बहुत सराहा हैं और कहा हैं कि ये शिव महोत्सव पिथौरागढ़ जिले के लिए ही नहीं पूरे उत्तराखंड के लिए एक मील  का पत्थर साबित होगा जिससे पर्यटन को नई परिभाषा मिल सकेगी |

इस महोत्सव में प्रस्तावित खेल पेरा मोटरिंग , रिवर राफ्टिंग , रोक क्लाइंबिंग, ट्रैकिंग , साइकिलिंग, हॉर्स राइडिंग और भी कई साहसिक खेल प्रस्तावित किए गए हैं , जिससे स्थानीय युवको को भी अपनी  प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और बेरोजगारो के लिए पर्यटन एक विकल्प बन कर उभर सकेगा साथ ही विश्व के पर्यटन मानचित्र पर  उत्तराखंड का पिथौरागढ़  चित्रित हो सकेगा

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