घनसाली में जनसुनवाई: “कोई भी शिकायत दोबारा न आए” – डीएम टिहरी का सख्त निर्देश

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💥 जनसुनवाई में छलका दर्द, तत्काल मिला राहत का भरोसा!
टिहरी डीएम ने भिलंगना में सुनी जनता की 80 से अधिक समस्याएं

भिलंगना, 13 जून |
विकासखंड भिलंगना का सभागार शुक्रवार को जनसुनवाई की ऐतिहासिक मिसाल बना, जब जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता और क्षेत्रीय विधायक शक्तिलाल शाह की उपस्थिति में जनसमस्याओं की सुनवाई का शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 83 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।

शिविर में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों की शिकायतें लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, आपदा प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी रहीं। डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि “हर अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से शिकायतों का समय पर निस्तारण करें और एक ही शिकायत दोबारा सुनने की नौबत न आए।”


🎙 विधायक शक्तिलाल शाह बोले:

“सीमांत गांवों तक पहुंचे योजनाओं की रोशनी”
विधायक शाह ने डीएम का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में जिले में प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और सीमांत क्षेत्रों में एडवांस राशन, सड़क-पुल, और अन्य जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचेंगी।


📌 कुछ बड़ी जनसमस्याएं और कार्रवाई:

  • हनुमान मंदिर (घनसाली) में पुल निर्माण की मांग पर LNV विभाग को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
  • जखन्याली पंचायत में आपदा से क्षतिग्रस्त गुलों की मरम्मत की मांग पर लघु सिंचाई विभाग को कार्रवाई के आदेश
  • ग्राम बौर में भूधंसाव की आशंका, एसडीएम और भूवैज्ञानिक को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
  • बणचोरी उडारी मोटर मार्ग, मयकोट चक चौण्ड, कोट थाती कठूड़ पुलिया, गनवाड़ी हाईड्रम, सभी मामलों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध रिपोर्ट और कार्रवाई के आदेश

📣 डीएम का स्पष्ट संदेश:

“समस्याएं दोबारा न उठे, यह हमारी जिम्मेदारी है। विभागीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


👥 प्रमुख उपस्थितियाँ:

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख वासुमति घणाता, नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद बिष्ट, डीडीओ मो. असलम, सीएमओ डॉ. श्याम विजय, सीओ टिहरी ओसिन जोशी, एसडीएम संदीप कुमार, जल, सिंचाई, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, उरेडा समेत तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


🧭 Meru Raibar की विशेष टिप्पणी:

“भिलंगना जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में जब प्रशासन खुद जनता के बीच आए और वहीं समस्याओं का समाधान हो — तो विश्वास बनता है, और भरोसा मजबूत होता है। यही है जमीनी शासन की असली ताकत।”

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